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कानपुर की पूरी कहानी : CO के सिर पर गोली, कुल्हाड़ी से काटकर अलग कर दिया था पैर

Breaking uttarakhand newsकानपुर : हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या कर दी। बदमाशों की गोलियों से खुद को बचाने के सीओ देवेंद्र मिश्रा दीवार फांदकर एक घर के आंगन में कूद गए थे। जिस घर में सीओ कूदे थे वो विकास के मामा का घर था। सीओ का पीछा करते हुए बदमाश घर में घुसे और सीओ के सिर पर कई गोलियां दाग दी, इसके बाद उनके शव को घसीटते हुए बाहर ले गए और कुल्हाड़ी से उनके पैर को काट कर अलग कर दिया। बदमाशों यहीं नहीं रुके उन्होंने पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद उनके शवों को एक के ऊपर एक पांच शवों को रखा था।

गुरुवार देररात सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शिवराजपुर, चौबेपुर, बिठूर थाने की फार्स हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के घर पर दबिश देने के लिए गई थी। विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर छतों से फायरिंग करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों को कुछ सोचने समझने का भी मौका नहीं दिया। बदमाश अत्याधुनिक हथियारों से पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे। छतों पर छिपे बदमाश पुलिस पर निशाना लगाकर फायरिंग कर रहे थे और दीवारों की आड़ में छिपी पुलिस अंदाजे से फायरिंग कर रही थी।

बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान शिवराजपुर एसओ महेश यादव और मंधना चौकी इंचार्ज अनूप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। महेश यादव और अनूप सिंह मदद के लिए ग्रामीणों के दरवाजे खटखटा रहे थे, तभी पीछे आए बदमाशों ने दोनों की पीठ पर दर्जनों गोलियां दाग दी। इसके बाद शवों को घसीटते हुए एक जगह इकट्ठा करके रखते गए। बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं, मृत शरीरों पर पर भी कई राउंड फायरिंग की।

बदमाशों ने पुलिस की एक एके 47, एक इंसास रायफल और दो पिस्टले लूटी थी। पुलिस से लूटे गए असलहों से भी गोलियां चलाई गईं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि चार जवानों के शरीर से गोलियां आरपार निकल गई है। सीओ देवेंद्र मिश्रा के सिर और सीने में गोली मारी गई है। मंधना चौकी इंचार्ज अनूप सिंह के सात गोलियां लगी हैं। शिवराजपुर एसओ महेश यादव को पांच गोलियां और सिपाही जितेंद्रपाल के 6 गोलियां लगी हैं। बाकी पुलिसकर्मियों के चार-चार गोलियां लगी हैं।

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