होली पर घर आने वाले थे शहीद कर्मजीत सिंह, मां से फोन पर किया था ये वादा

सोमवार को पाक सेना ने एक बार फिर नापाक हरकत दिखाई. पाक आर्मी ने सोमवार सुबह 5.30 बजे जम्मू के राजौरी सेक्टर में सीज फायर का उल्लंघन करते हुए जमकर फायरिंग की…भारतीय सेना ने पाक आर्मी को मूंह तोड़ जवाब दिया..वहीं इस दौरान सेना का एक जवान पंजाब मोगा के गांव जनेर निवासी रायफलमैन करमजीत सिंह घायल हो गए थे जिन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.

मां को नहीं दी गई थी बेटे की शहादत की खबर

वहीं आज करमजीत का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा…जिससे पूरे गांव में कोहराम मच गया. वहीं कर्मजीत सिंह की माँ कुलवंत कौर को उनके बेटे की शहादत की नहीं दी गई थी। जब घर में लोगों जमा होने लगे तो शहीद की मां ने पूछा तो किसी ने कुछ नहीं बताया। काफी पूछने के बाद जब उन्हें सच पता लगा तो वो फूट-फूटकर रोने लगी औऱ बेहोश हो गईं।

कर्मजीत 16 मार्च को होली की छुट्टी पर घर आने वाले थे

इसके बाद शहीद की मां ने बताया कि उनका बेटा कर्मजीत 16 मार्च को होली की छुट्टी पर घर आने वाला था लेकिन उसका फ़ोन आया की बॉर्डर पर तनाव है, इसलिए छुट्टी कैंसिल हो गई। मां घर नहीं आ पाऊंगा लेकिन वादा करता हूं कि जल्दी घर आऊंगा। कर्मजीत सिंह की माँ ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम था की उनका बेटा इस हाल में घर आएगा. साथ ही उन्होंने बोला की कर्मजीत ने वादा किया था,ऐसे निभाना था तो न करता वादा.

2015 में हुए थे भर्ती, नहीं हुई थी शादी

पिता अवतार सिंह ने कहा कि बेटे कर्मजीत की शहादत पर उन्हें गर्व है. अवतार सिंह ने बताया कि कर्मजीत सिंह का जन्म 15 नवंबर 1994 को हुआ था। 28 जून 2015 को कर्मजीत भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे कर्मजीत सिंह राइफलमैन थे।इस समय वह जम्मू के राजौरी सेक्टर में सुंदरबानी में 18 सिख रेजीमेंट में तैनात थे। बता दें कि अभी कर्मजीत सिंह की शादी भी नहीं हुई थी। कर्मजीत के फूफा रूपिंदर सिंह भी सेना में थे।

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