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पत्नी के साथ सेल्फी बनी मौत की वजह, एक करोड़ के ईनामी नक्सली को जवानों ने ऐसे लगाया ‘ठिकाने’

हाल ही में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के टॉप लीडर जयराम रेड्डी ऊर्फ चलपति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जयराम रेड्डी के मारे जाने की वजह उसकी एक सेल्फी बनी। इसी सेल्फी ने सुरक्षा बलों को उसका पता दे दिया।

13 सुरक्षाकर्मियों का ‘हत्यारा’ था चलपति

दरअसल हाल ही में ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक अभियान के दौरान चलपति का एनकाउंटर हो गया था। वो एक करोड़ का ईनामी था। उसने 2008 में ओडिशा के नयागढ़ जिले में माओवादी हमले का नेतृत्व किया था, जिसमें 13 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।नक्सल विरोधी अभियान में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया, ‘‘15 फरवरी 2008 के हमले की साजिश शीर्ष माओवादी नेता रामकृष्ण ने रची थी, लेकिन इसे अंजाम चलपति ने दिया था।’’ रामकृष्ण की मौत हो चुकी है। अधिकारी ने बताया कि चलपति ने ही पुलिस के हथियारों की लूटपाट के बाद माओवादियों को नयागढ़ से सफलतापूर्वक भागने में मदद की थी। अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का निवासी चलपति मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सक्रिय था। आंध्र प्रदेश में अब माओवादी गतिविधियां समाप्त हो चुकी हैं।

सेल्फी से हुई पहचान

जंगलों में रहने के दौरान चलपति की दोस्ती आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) की ‘डिप्टी कमांडर’ अरुणा उर्फ चैतन्या वेंकट रवि से हुई और फिर चलपति ने उससे शादी कर ली। अधिकारियों ने बताया कि वह सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से दूर था, लेकिन अरुणा के साथ ली गई एक सेल्फी से उसकी पहचान हो गई और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया।

मारा गया चलपति

उन्होंने बताया कि इस जोड़े की यह सेल्फी उस स्मार्टफोन में मिली थी, जिसे मई 2016 में आंध्र प्रदेश में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ के बाद बरामद किया गया था। पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में चलपति समेत 16 माओवादी मारे गए। उन्होंने बताया कि इनमें से दो को सोमवार सुबह मार गिराया गया। सोमवार देर रात एक और मुठभेड़ में 14 और माओवादी मारे गए।

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