
देहरादून: भारत-चीन के बीच ताजा विवाद अब भले ही कुछ कम हो गया हो, लेकिन अब तक स्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं। दोनों देशों के और संबंध तनावपूर्ण अब भी बने हुए हैं। इस बीच उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने चीन के राष्ट्रपति को रामायण की अंग्रेजी भाषा में अनुवादित एक प्रति भेजी है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने चीन के राष्ट्रपति को रामायण पढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि रामायण में रावण के विस्तारवादी सोच का अंत हुआ था। इससे चीन के राष्ट्रपति को सीख लेनी चाहिए।
रावण से तुलना करते हुए कहा है कि रावण की भी विस्तारवादी सोच थी, जिसका भगवान राम ने अंत किया था। चीन की भी इसी तरह की विस्तारवादी सोच है। इसी सोच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि इस तहर की ताकतों का अंत होना तय है। वर्तमान दौर विस्तारवाद का नहीं बल्कि विकासवाद का है।