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उत्तराखंडः बीच राह में फंसा रोपवे, 10 लोगों को रस्सी के सहारे पहाड़ी पर किया रेस्क्यू!

cabinet minister uttarakhand

 

नैनीताल: छत्तीसगढ़ के देवघर में पिछले दिनों रोपवे में कई लोग फंस गए थे। हादसे के कारण तीन लोगों की जानें चली गई थी। जबकि, अन्य लोगों को बचा लिया गया था। उस घटना के बाद से लगातार देशभर में रोपवे की सुरक्षा को परखा जा रहा है। तैयारियों को परखने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने मॉकड्रिल किया। इस दौरान रोपवे में फंसे दस लोगों को रस्सी के सहारे पहाड़ी पर उतारा गया।

निगम प्रबंधन का दावा है कि रोपवे में किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी नहीं है। अगर किसी भी खतरनाक स्थिति में ऐसी नौबत आती है, तो उनके पास रेस्क्यू टीम की तैयारी पूरी है। शासन के निर्देश पर मल्लीताल में केएमवीएन के रोपवे में रेस्क्यू अभियान का ट्रायल किया गया। इसमें रोपवे के दस तकनीकी स्टाफ समेत प्रबंधक शिवम शर्मा शामिल थे। करीब सुबह नौ बजे से शुरू हुआ ट्रायल 45 मिनट तक चला।

इस दौरान कुछ देर के लिए ट्रॉली पर सवार स्टाफ हवा में लटका रहा, फिर केबिन ऑपरेटर के साथ ही रेस्क्यू टीम की मदद से ट्राली से लोगों को पहाड़ी पर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। अभियान में दमकल विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहे। प्रबंधक शिवम शर्मा ने बताया कि नीचे वाली रोप से सबको सुरक्षित निकाला गया। करीब 700 मीटर लंबाई के रोपवे की ट्राली में 2015 व 2019 में पर्यटक फंस चुके हैं, जिनको बमुश्किल रेस्क्यू किया गया था।

हाल ही झारखंड में रोपवे हादसे में पर्यटकों की मौत व घायल होने की घटना के बाद देशभर में रोपवे को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिसके बाद शासन ने रोपवे के तकनीकी परीक्षण के लिए रेस्क्यू का ट्रायल करने के निर्देश जिलों को दिए थे। निगम के जीएम एपी बाजपेयी ने बताया कि रोपवे का तकनीकी परीक्षण पूरी तरह सफल रहा।

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