केदारनाथ रोपवे को मिली केंद्र की मंजूरी, जल्द काम शुरु होने की उम्मीद

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केदारनाथ के लिए रोपवे निर्माण को केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय की स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद अब इस दिशा में तेजी से काम शुरु होने की उम्मीद है।

होगी सहूलियत

आपको बता दें कि ये रोपवे सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक बनाया जाएगा। इस रोपव में स्टेशन गौरीकुंड, चीड़बासा, और लिंचौली बनाए जाएंगे। इस रोपवे के बन जाने के बाद केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ पहुंचने का समय भी कम हो जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को सहूलियत भी होगी। इस रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद भी है। केदारनाथ रोपवे के निर्माण प्रोजेक्ट में 26.43 हेक्टेयर वनभूमि आ रही है।

राज्य वन्यजीव बोर्ड की ओर से इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद ये प्रोजेक्ट नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सामने भेजा गया था। वहां से भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। इसके बनने के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबे रोपवे के बनने से धाम तक की दूरी 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। बोर्ड बैठक में रामबाड़ा से गरुड़चट्टी में लगभग साढ़े पांच किलोमीटर पैदल मार्ग के नव निर्माण की भी अनुमति दे दी है।

हेमकुंड में भी रोपवे

इसके साथ ही गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे के लिए एनवायरमेंट क्लियरेंस की आवश्यकता नहीं है लिहाजा इस मार्ग पर भी अब रोपवे निर्माण शुरु हो सकेगा।

केदारनाथ धाम रोपवे के निर्माण में 1200 करोड़ व हेमकुंड साहिब से गोविंदघाट के लिए 850 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एनएचएआई की एजेंसी नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने दोनो रोपवे की डीपीआर तैयार की है।

 

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