रुड़की : जान लेने वाले को अपनी जान का खतरा, कुख्यात ने न्यायालय को भेजा पत्र

रुड़की : कहते हैं अपनी जान सबको प्यारी होती है। चाहे वो अपराधी हो या समाजसेवी, जो दूसरों की जान के दुश्मन होते है उनको भी अपनी जान प्यारी होती है। ऐसा ही एक मामला कुख्यात बदमाश प्रवीण बाल्मीकि का सामने आया है, जिसपर हत्या, रंगदारी समेत कई गम्भीर मुकदमे दर्ज है। लेकिन अब कुख्यात को भी अपनी जान का खतरा सता रहा है। प्रवीण बाल्मीकि ने पुरसाड़ी जेल के जेलर के माध्यम से न्यायालय को पत्र भेजकर अवगत भी कराया है।
कुख्यात के अधिवक्ता विनीत कुमार का कहना है कि कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि ने पेशी के दौरान उन्हें बताया कि गंगनहर कोतवाली प्रभारी और एसओजी प्रभारी उन्हें बार-बार एनकाउंटर कर मारने की धमकी देते है, जिसके चलते उन्हें पुलिस से अपनी जान का खतरा बना हुआ है। उन्हें लगता है कि रुड़की पुलिस कभी भी गलत तरीके से एनकाउंटर दिखाकर उनकी हत्या करा सकती है।
बता दे कि चार अलग-अलग मामलों में रुड़की रामनगर कोर्ट में पेशी पर पहुँचे कुखयात बदमाश प्रवीण बाल्मीकि ने अपने अधिवक्ता को रुड़की पुलिस से जान का खतरा बताया है। फिलहाल कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि चमोली जिले की पुरसाड़ी जेल में बंद है। जिसे भारी सुरक्षा के बीच रुड़की रामनगर कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। कुख्यात के अधिवक्ता विनीत कुमार ने बताया कि पेशी के दौरान उनके क्लाइंट प्रवीण बाल्मीकि ने उनसे बातचीत में बताया कि रुड़की गंगनहर कोतवाली के इंचार्ज राजेश शाह और एसओजी प्रभारी रविन्द्र कुमार द्वारा उसे एनकाउंटर में मारने को धमकी दी जा रही है। जिसके चलते प्रवीण बाल्मीकि द्वारा पुरसाडी जेलर के माध्यम से एक पत्र रुड़की न्यायालय में भी भिजवाया गया हैं। अधिवक्ता द्वारा बताया गया कि कोर्ट में पेशी के दौरान वह जज साहब को भी इस मामले से अवगत कराएँगे। वही पुलिस की माने तो पेशबंदी के दौरान अपराधी इस तरह के कथन करते है जो बेबुनियाद होते है। एसपी देहात स्वपन किशोर ने बताया कि अपराधियों के द्वारा इस तरह की पेशबंदी में कथन किए जाते रहे हैं, इस तरह की बात पुलिस की कार्यप्रणाली का अंग न रही है ना हो सकती है। ऐसे आरोप वह अपनी पेशबंदी में लगा रहे हैं जबकि सच्चाई इससे भिन्न है उन्होंने साफ लफ़्ज़ों में कहा जो अपराधी घटना में संलिप्त है उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। विधिका शासन बनाए रखने के लिए हर कार्यवाही पर अमल होगा।
आपको ये भी बता दे कि कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि पर रंगदारी मांगने, हत्या, हत्या का प्रयास जैसे दर्जनों मुकदमे दर्ज है, जिनके चलते वह लम्बे समय से जेल में बंद है लेकिन जेल से ही अपना आपराधिक नेटवर्क चलाने के आरोप प्रवीण वाल्मीकि पर अक्सर लगते रहे है। वहीं उत्तराखंड पुलिस जेल में बन्द कुख्यातो का नेटवर्क तोड़ने में लगी हुई है।

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