ऋषिकेश : चिल्ड्रन होम एकेडमी में मानव अंगों की तस्करी होने का संदेह, निठारी जैसा कांड होने की आशंका 

ऋषिकेश : रानीपोखरी के भोगपुर स्थित चिल्ड्रन होम एकेडमी में मानव अंगों की तस्करी होने का संदेह है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने निठारी जैसा कांड होने की आशंका जताई है.

मानव अंग तस्करी का संदेह

आपको बता दें कि बीते शनिवार को 8वीं कक्षा के छात्र अभिषेक रविदास निवासी जालंधर की मौत हो गई थी जो की संदिग्ध मानी जा रही है. बीते दिन बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी एकेडमी पहुंचीं थी उन्होंने इस मौत को संदिग्ध बताया और कई सवाल किए जिससे उनको मानव अंग तस्करी का संदेह हुआ। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से लेकर कर्मचारियों, अध्यापकों, बच्चों सहित हॉस्टल वार्डन से पूछताछ की जिस दौरान एक बार फिर से एकेडमी की लापरवाही सामने आई है। बताया गया कि बीमार छात्र को स्कूल के छोटे से अस्पताल में नर्स की देखरेख में रखा गया। इस पर अध्यक्ष ने स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।

स्कूल के अस्पताल में आखिर डॉक्टर की तैनाती क्यों नहीं की गई?

ऊषा नेगी ने सवाल किया कि बच्चे को अस्पताल के बजाए अपने स्कूल के ही छोटे से अस्पताल में क्यों रखा गया. स्कूल के अस्पताल में आखिर डॉक्टर की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऊषा नेगी ने सवाल किया कि नर्स सिर्फ प्राथमिक उपचार दे सकती है, बीमार बच्चे के साथ दो दिन तक प्रयोग नहीं कर सकती.  इस दौरान एक बार फिर एकेडमी की लापरवाही सामने आई। अध्यक्ष ने स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जौलीग्रांट अस्पताल से भी पूछा जाएगा कि अगर बच्चे की मौत निमोनिया से हुई है तो किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।

आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कहा कि एकेडमी स्थित हॉस्टल के बगल में ही कब्रिस्तान होना कई सवाल खड़े करता है। इस संबंध में आयोग ने डीएम देहरादून और एसएसपी को गहन जांच करने की सिफारिश की है। इस दौरान आयोग की सदस्य सीमा डोरा भी उपस्थित रही।

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