
ऋषिकेश के खारास्रोत में शराब की दुकान बंद करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जबरन हटा दिया। इसके बाद, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने विवादित शराब की दुकान को फिर से खोल दिया।
अनशन पर बैठे लोगों को जबरन हटाकर खुलवाई शराब की दुकान
बता दें अंग्रेजी शराब की दुकान के विरोध में पांचवें दिन यानी गुरुवार को भी स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए थे। इस दौरान अनशन पर बैठे दो युवकों की तबीयत ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें उठाकर एम्स अस्पताल में भर्ती कराया। इसके साथ साथ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते सुबह ही शराब की दुकान भी खुलवा दी।
ऋषिकेश में जारी है प्रदर्शन
शराब की दुकान खुलने के विरोध में लोगों ने मौके पर जमकर हंगामा काटा। जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। आक्रोशित लोग ठेके से 100 मीटर दूर जाकर एक बार फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यहां कुंभ और तीर्थक्षेत्र होने के बावजूद भी शराब की दुकान खोली गई है।
ठेके के बाहर हुई थी युवक की हत्या
जानकारी के लिए बता दें इसी शराब के ठेके बाहर पांच दिन पहले ही स्थानीय युवक ने अपने पड़ोसी को शराब के नशे में मौत के घाट उतार दिया था। अजेंद्र कंडारी की हत्या के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ठेका खुलने के बाद से ही क्षेत्र का माहौल ख़राब हो गया है।
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