
विश्वविद्यालयों के अंतिम सत्र की परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति प्रदान कर दी है। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद यूजीसी ने आपात बैठक कर फैसला किया कि विवि एवं संस्थानों को सितंबर आखिर तक परीक्षाएं करनी होगी। यूजीसी की आपात बैठक में फैसला लिया गया है कि अगर कोई विश्वविद्यालय जुलाई में परीक्षा आयोजित करना चाहे तो ऑनलाइन कर सकता है।

31 जुलाई तक लॉकडाउन है जो शिक्षण संस्थानों पर लागू होता है। अगस्त और सितंबर के हालात यदि ठीक रहे तो विवि अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन, ऑफलाइन या मिश्रित तरीके से परीक्षाएं करा सकेंगे। यूजीसी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स फाइनल ईयर में नहीं हैं, उनके लिए कॉलेज और यूनिवर्सिटी अपने तरीके से एकेडमिक सेशन बंद कर सकती हैं।
एचआरडी मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं से संबंधित अपनी पहले की गाइडलाइन्स को रिवाइज्ड किया है. उन्होंने कहा कि काफी सलाह मशविरा के बाद स्टूडेंट्स की सुरक्षा. प्लेसमेंट और करियर को ध्यान में रखते हुए रिवाइज्ड गाइडलाइन्स जारी की गई है. यूजीसी ने एक बार फिर इसी कमेटी से आग्रह किया था कि वह अप्रैल में जारी की गई गाइड लाइन पर पुनर्विचार करे और विश्वविद्यालयों तथा उच्च संस्थानों की परीक्षाओं व एकेडमिक सत्र के बारे में सुझाव दे क्योंकि मौजूदा स्थिति में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है.
यूजीसी की रिवाइज्ड गाइडलाइन
- फाइनल ईयर/ टर्मिनल सेमेस्टर की परीक्षाएं सितंबर 2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी.
- फाइनल ईयर/ टर्मिनल सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन/ ऑफलाइन मोड़ में संस्थान अपनी सुविधा के अनुसार करा सकते हैं.
- फाइनल ईयर/सेमेस्टर के स्टूडेंट्स का मूल्यांकन उनके द्वारा दी परीक्षा के आधार किया जायेगा.
- जो स्टूडेंट्स फाइनल परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता तो उन्हें विश्वविद्यालय या संबंधित संस्थान द्वारा आयोजित कराई जाने वाली विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए अवसर दिया जायेगा.
- विश्वविद्यालय/ संस्थान यह स्पेशल परीक्षा जब उचित समझे तब करा सकता है लेकिन यह व्यवस्था केवल शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए ही मान्य होगी.
- बाकी परीक्षाओं के बारे में (जैसे, बीए प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष/प्रथम सेमेस्ट या द्वितीय सेमेस्टर के लिए) 29 अप्रैल 2020 को जारी गाइड लाइन मान्य होगी.