
देहरादून : पुलिस का काम है अपराधियों को, अपराध करने वालों को सजा देना, न की सच्चाई उजागर करने वाले को सलाखों के पीछे भेजना. जो वर्दी पुलिस को जनता की सेवा के लिए दी जाती है अब वहीं वर्दी जनता का हनन, पत्रकार की कलम की ताकत को कम करने में तुली है. मामला पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल की गिरफ्तारी से जुड़ा है जिसमे एक चौंका देेने वाला खुलासा हुआ है. जी हां शिव प्रसाद सेमवाल को जिस युवक की तहरीर के बाद गिरफ्तार किया गया है अब उस व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी गई है जिसमे कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं.
नीरज राजपूत के खिलाफ हुआ बड़ा खुलासा, कॉपी वायरल
मिली जानकारी के अनुसार पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले युवक नीरज राजपूत के बारे में आज एक बड़ा खुलासा हुआ है और तहरीर की कॉपी भी वायरल हो रही है जिसमे नीरज राजपूत के खिलाफ बड़ा खुलासा किया गया है. इस तहरीर से अब सचिवालय का समीक्षा अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गया है जिससे साफ है कि सच्चाई बोलने वाले की आवाज को दबाने की कोशिश की गई है.
अजय पंवार ने एसएसपी को सौंपी तहरीर, किया खुलासा
तहरीर के अनुसार हरबर्टपुर विकासनगर के अजय पंवार पुत्र गढ़वीर सिंह ने देहरादून एसएसपी को एक तहरीर दी। इस तहरीर में नीरज राजपूत के साथ-साथ सचिवालय के समीक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह कराकोटी का भी नाम सामने आया है। अजय पंवार द्वारा दी गई इस तहरीर में नीरज राजपूत द्वारा 5 लाख रुपए का ठेका दिलाने, एक लाख 28 हजार रुपए दलाली मांगना, नीरज राजपूत का सचिवालय का समीक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह कराकोटी से मुलाकात करवाना सहित तमाम बातों का जिक्र किया गया है।
खुद को तत्कालीन सरकार का राज्य मंत्री बताकर करता ठगी
तहरीर में बताया गया है कि नीरज राजपूत खुद को तत्कालीन सरकार का राज्य मंत्री बताकर लोगों से पैसे ऐंठता था. इसके बाद पत्रकारों में रोष है. इस खुलासे के बाद कहा जा रहा है कि जो खुद लोगों से ठगी करता था औऱ अपराध को अंजाम देते था उसकी झूठी तहरीर के आधार पर पत्रकार शिव प्रसाद सेमवाल को गिरफ्तार क्यों किया गया. इसे शिवप्रसाद सेमवाल को फंसाने की साजिश बताई जा रही है.
वहीं इस तहरीर को एसएसपी को देने के बाद अजय पंवार ने पुलिस से खुद की सुरक्षा की भी अपील की है। सवाल यही उठ रहा है कि खुद अपराध को अंजाम देने वाले नीरज राजपूत पर अब पुलिस क्या कार्रवाही करती है?