रिटायरमेंट से 5 दिन पहले शहीद हुए राजेश, 3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

हर किसी की चाह होती है कि उसे सरकारी नौकरी मिले और इसके बाद परिवार बसा हंसी-खुशी अच्छे स्वास्थय के साथ वो रिटायर हो औऱ उसके बाद वो परिवार के साथ वक्त बिताए। ऐसा ही कुछ सोचा होगा भारतीय सेना के जवान थोरसी सीकर निवासी राजेश भास्कर ने…लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनके रिटायरमेंट से पहले कुछ ऐसा हो जाएगा कि वो अपने परिवार को मूंह तक नहीं देख पाएंगे।

पांच दिन बाद 31 जनवरी को होने वाले थे रिटायर

श्रीनगर में तैनात सीकर जिले के धोद तहसील के थोरासी गांव निवासी आर्मी जवान राजेश कुमार भास्कर (34 वर्षीय) की ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से मौत हो गई। शहीद जवान पांच दिन बाद 31 जनवरी को सेवानिवृत होने वाले थे। उनका पार्थिव देह रविवार सुबह पैतृक गांव थोरासी पहुंचा। जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। साथ आए जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सात साल के बेटे अंशु ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

2004 में भर्ती हुए थे राजेश,श्रीनगर में थे तैनात

मिली जानकारी के अनुसार शहीद जवान राजेश 2004 में भर्ती हुए थे जो की वर्तमान में 2 जाट रेजिमेंट राजेश की श्रीनगर में तैनाती थी। वह एक माह के लिए बरेली गया हुआ था। 16 साल की नौकरी पूरी करने के बाद वह 31 जनवरी को सेवानिवृत होने वाले थे। शुक्रवार शाम को सूचना मिली कि राजेश की हृदयाघात से मौत हो गई। रविवार को राजेश की पार्थिव देह घर पहुंची। राजेश की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

इस खबर से परिवार समेत पूरा गांव शोक में डूब गया है। लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. सभी की आंखें ये सोच-सोचकर और नम हो रही हैं कि इतने साल अच्छे से नौकरी करने बाद रिटायरमेंट के 5 दिन पहले भास्कर शहीद हो गए। उनके कई सपने थे लेकिन शहीद के सपने उसके ताबूत में लिपटकर रह गए।

बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

जानकारी मिली है कि राजेश के तीन बच्चे हैं जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। राजेश की बड़ी बेटी निक्की 12 साल की है, छोटी बेटी निधी 10 साल की है औऱ एक बेटा अंशु 7 साल का है। पत्नी सुबिता के साथ बच्चे जयपुर रहते हैं। राजेश के पिता गांव में ही खेती का काम करते हैं। माता पतासी देवी ग्रहणी हैं। राजेश 20 दिन पहले ही 15 दिन की छुट्टियों पर गांव आकर गया था। तब उसने कहा था कि वह रिटायरमेंट के बाद घर आ जाएगा। उनका एक छोटा भाई विकास है, जो खेती का काम करता है। वहीं एक बहन है जिसकी शादी हो चुकी है।

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