
देश में सबसे बड़े घोटाले की खबर सामने आ रही है। भारत की अहम गोल्ड कंपनियों में से एक राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports ) तीन जून की शाम से ही सुर्खियों में बनी हुई है। सोने के गहने और गोल्ड रिफाइनिंग के बिजनेस वाली इस कंपनी के ऊपर काफी गंभीर आरोप (Rajesh Exports Revenue Scam) लगे है। मार्केट रेगुलेटर सेबी की माने तो कंपनी ने करीब 15 लाख करोड़ के रेवेन्यू की हेराफेरी की है।
देश का सबसे बड़ा घोटाला!, Rajesh Exports का ₹15.15 लाख करोड़ का घोटाला!
इस घोटाले के बाद SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और चेयरमैन व एमडी, राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम एकतरफा आदेश जारी कर दिया है। जिसमें राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर राजेश मेहता को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया गया। इसका असर कंपनी के शेयरों में पढ़ा जिसमें भारी गिरावट देखने को मिली।
SEBI ने पकड़ी चोरी, लगाए ये आरोप
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने बेंगलुरु की जूलरी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड पर आरोप लगाया कि कंपनी ने काफी बड़े पैमाने पर अपने वित्तीय रिकॉर्ड में गलत जानकारी दी है। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर से जुड़ी कुछ संस्थाओं के जरिए फंड का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। सेबी का कहना है कि कॉर्पोरेट गवर्नेंस में भी गंभीर कमियां पाई गईं।
99.8 फीसदी रेवेन्यू बढ़ाचढ़ाकर दिखाया
सेबी की जांच में सामने आया कि राजेश एक्सपोर्ट्स ने वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2025 के बीच गलत आंकड़े पेश किए। जांच के मुताबिक करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू दिखाया गया। जिसमें से करीब 99.8 फीसदी रेवेन्यू सच नहीं था। उसे बढ़ाचढ़ाकर दिखाया गया था।
राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को नकारा
तो वहीं मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन व एमडी, राजेश मेहता ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है। उन्होंने कहा, “ये एक अंतरिम आदेश है और इसमें लिखी कोई भी बात सच नहीं है। हम इसका अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही जवाब देंगे।”
क्या करती है राजेश एक्सपोर्ट्स? What is Rajesh Exports?
ग्लोबल गोल्ड इंडस्ट्री में बेंगलुरु स्थित राजेश एक्सपोर्ट्स की बड़ी पहचान है। कंपनी दुनिया भर में आभूषणों का निर्यात करती है। कंपनी की सालाना कमाई कागजों पर इतनी ज्यादा दिखाई जाती थी कि ये अक्सर अपने सेक्टर में भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में शुमार रही। हालांकि जांच अभी जारी है और SEBI के निष्कर्ष अंतिम नहीं हैं।