उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से जीवन अस्त-व्यस्त, किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें

उधम सिंह नगर (मोहम्मद यासीन) : उत्तराखंड मे लगातार हो रही रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. इसके साथ ही ठंड में भी खासा इजाफा हुआ है. प्रदेश के उधम सिंह नगर सहित कई तराई इलाकों में बीते 36 घंटों में हुई बारिश के कारण ठिठुरन बढ़ गई है. वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ गई है, जिस कारण लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं.

गेहूं, मटर, सरसों की फसलों को खासा नुकसान

वहीं इसके साथ ही बारिश के कारण गेहूं, मटर, सरसों की फसलों को भी खासा नुकसान होने की बात कही जा रही है. तराई क्षेत्र में रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है. देर रात से हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. वहीं, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों के लिए छुट्टी घोषित कर दी है. बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण रवि की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. साथ ही पहले से हुई बारिश के कारण खेतों में अभी भी काफी नमी है. वहीं और बारिश फसलों के लिए नुकसान दायक साबित हो सकती है।

बारिश से किसानों की 50% उपज का नुकसान होगा

ग्राम नजीबाबाद के किसान बलवंत सिह ने बताया कि रात को हुई बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। इस साल गेहूं की फसल अच्छी थी लेकिन बरसात की वजह से गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है जिससे किसानों की 50 प्रतिशत उपज का नुकसान होगा। किसानों की मांग है की सरकार द्वारा इसका सर्वे करा कर नुकसान की भरपाई हो, जिससे किसानों को फसल में लगाए गये धन की वापसी हो और किसान अपना बैंक का कर्ज वापस कर सके।

वहीं किसानों का कहना है कि बारिश से तापमान में गिरावट आई है। ठंड बढ़ने से लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। सालों बाद सबसे अधिक बारिश दिसंबर और जनवरी माह में हुई है। वहीं निचले इलाकों में पानी भरने से गेहूं एवं मटर की फसल को नुकसान पहुंचा है।

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