पहाड़ में रेल चलाना कठिन जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं

चमोली- चारधाम यात्रा एक 80 वर्ष का बुजुर्ग इंसान कर लेता है तो पहाड़ पर रेल प्रोजेक्ट लाना कोई मुश्किल नहीं होना चाहिए। हालांकि यह एक कठिन काम है लेकिन नामुमकिन नहीं।

ये बात केद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बदरीनाथ धाम मे उस वक्त कही जब उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ चारधाम सम्पर्क हेतु फाईनल लोकेशन के सर्वेक्षण का बद्रीनाथ धाम में शनिवार को शिलान्यास किया।

इस मौके पर अपने सम्बोधन में राज्य की जनता को शुभकामना देते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि उत्तराखण्ड के चारों धाम आने को पूरे देश के लोग तरसते हैं। इस रेल प्रोजेक्ट के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को सुविधा होगी साथ ही इससे राज्य का विकास तेजी से होगा।

उन्होंने कहा कि हमें हमारी हजारों साल की परम्परा को बचा के रखना है। लिहाजा इस प्रोजेक्ट पर विश्व की आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट प्रकृति को बिना नुकसान पहुंचाये पूरा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के बजट का एक बड़ा हिस्सा प्रकृति को बचाने और भूस्खलन को रोकने में खर्च किया जाएगा।

वहीं रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि यात्रियों को यहां से रेलवे आरक्षण करने में दिक्कत होती है इसके लिये केदारनाथ व बद्रीनाथ में यात्री आरक्षण केंद्र खोला जाएगा।

 

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