
प्रधानमंत्री मोदी ने बीते दिन गुरुवार को आधी रात यानी 12 बजे के करीब छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया। जिसपर उन्होंने पेपर लीक को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार इसके खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून लाएगी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा की जाएगी। साथ ही सख्स फैसले भी लिए जाएंगे। मंजूरी के बाद अगले हफ्ते संसद में इसे पेश किया जाएगा।
पीएम मोदी ने आधी रात को वीडियो संदेश किया जारी
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज शेयर किया। उन्होंने कहा, “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।”
कैबिनेट में इसको लेकर होगी चर्चा
उन्होंने ये भी कहा- “हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। विभागों ने देर रात मुझे मसौदा भेजा है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान हैं। इस पर शुक्रवार को कैबिनेट के बीच चर्चा होगी।”
पीएम के वीडियो संदेश पर राहुल गांंधी का पलटवार
राहुल गांधी ने पीएम मोदी की वीडियो पर पलटवार किया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में इसे आधी रात का बेकार वीडियो बताया। उन्होंने लिखा- “मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात के इस बेकार वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। प्रधान को हटाएं, छात्रों को पीटने वालों को सजा दें और माफी मांगें।”
CJP ने कहा- प्रधान को हटाएं
CJP ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार जो सबसे सख्त कार्रवाई कर सकती है, वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान को हटाना है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा- “मोदी जी, कल ही धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यही सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं।”
अभीजित दीपके ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही जावाबदेही तय हो सकती है’
PTI के साथ बातचीत के दौरान CJP के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा, “देश भर में विरोध कर रहे युवाओं की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा है। यह उनका पहला मुद्दा है। दूसरा मुद्दा सीधे उनके इस्तीफ़े से जुड़ा है। एक बार जब धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दे देंगे, तो जवाबदेही और ज़िम्मेदारी तय की जा सकती है। हमारा मानना है कि उनकी देखरेख में हुई नाकामियों के कारण 20 छात्रों की जान चली गई, और छात्र सुबह से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान की वजह से छात्र निराश, नाराज़ और हताश हैं। उनके परिवार उनकी पढ़ाई के लिए कर्ज़ लेते हैं और वे सालों तक परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन अंत में प्रश्न पत्र लीक हो जाते हैं। इससे उन्हें बहुत ज़्यादा परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है। वे चाहते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दें ताकि ज़िम्मेदारी तय हो सके और शिक्षा प्रणाली में सुधार लाया जा सके।”
पीएम का फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान
मालूम हो कि इस वीडियो संदेश से पहले पीएम ने गुरुवार को एक पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था।