
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने (Rahul Gandhi on ECI) एक बार फिर चुनाव आयोग(Election Commission) को घेरा है। लेकिन इस बार सबूतों के साथ उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट को लेकर इलेक्शन कमीशन पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने चुनाव आयोग SIR प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए है।
राहुल ने कहा कि वोटिंग पर लोगों को शक है। चुनाव प्रक्रिया काफी लंबे समय तक चल रही है। यूपी में अलग और बिहार में अलग दिन मतदान होता है। चुनाव प्रक्रिया महीनों चलती है और उसके बाद भी एग्जिट पोल में अलग ही नतीजे आते हैं और रिजल्ट दूसरा आता है। उन्होंने महाराष्ट्र की बात करते हुए कहा कि 40 लाख वोटर रहस्यमय हैं।
महाराष्ट्र चुनाव में वोटों की हुई चोरी Rahul Gandhi accuses Election Commission
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक, महाराष्ट्र चुनाव आदि में वोटों की चोरी हुई हैं। साथ ही उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने प्रेजेंटेशन देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के नतीजें जब आए तब संदेह की पुष्टि हुई कि विधानसभा चुनाव चुराया गया था। राहुल के हिसाब से चुनाव में 40 लाख फर्जी वोटिंग हुई। पांच बजे के बाद एक दम से कैसे वोटर बढ़ गए। ये सब फेक था।
डिजिटल सूची ना देना भी सबूत
राहुल ने बताया कि डिजिटल मतदाता सूची ना देने पर ये साफ हो गया कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव चुराने के लिए BJP का साथ दिया। कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर भी 6.5 लाख वोटों में से 1 लाख से ज्यादा वोटों की चोरी हुई।
देश में हो रही आपराधिक धोखाधड़ी
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि रिसर्च में कर्नाटक के महादेवपुरा निर्वाचन इलाके में एक लाख से ज़्यादा डुप्लीकेट मतदाता पाए गए। इनके पते अमान्य हैं। राहुल ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ पार्टी और चुनाव आयोग मिलकर एक बड़ी आपराधिक धोखाधड़ी कर रहे हैं।
घर का नंबर, पिता का नाम भी गलत
इस धोखाधड़ी में राहुल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में कई वोटर्स के घर के पते पर केवल शून्य लिखा है। तो वहीं कुछ के पिता का नाम कुछ भी फर्जी डाल रखा है। किसी-किसी में तो पिता का नाम ITSDL लिखा है।
राहुल ने ये भी आरोप लगाया कि अपराध का सबूत सीसीटीवी फुटेज और मतदाता सूच है। जिसे चुनाव आयोग खत्म करने में लगा है।