दरोगा की पिटाई मामले में कैबिनेट मंत्री पर उठते सवाल, पुलिस जरूरी या फिर अवैध खनन कारोबारी ?

काशीपुर में खनन कारोबारियों के पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट मामला राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। वहीं अब इस मामले में कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे भी लपेटे में आ रहे हैं। अरविंद पांडेय के उपर कई सवाल उठ रहें हैं। प्रदेश में लोकसभा चुनावों के मद्देनजर धारा 144 लागू है लिहाजा बिना अनुमति पांच से अधिक लोग एक जगह सार्वजनिक स्थलों पर एकत्र नहीं हो सकते. सवाल ये है कि क्या इस बारे में कैबिनेट मंत्री को नहीं पता था। अगर पता था तो तो फिर अरविंद पांडेय खनन कारोबारियो की भीड़ को लेकर चौकी की ओर जुलूस की शक्ल में क्यों निकले?

आक्रोशित खनन कारोबारियों की भीड़ को चौकी की ओर लेकर बढ़ने पर भी सवाल उठ रहें हैं। क्या कैबिनेट मंत्री को इस बात का पता नहीं था कि भीड़ बेकाबू हो सकती है।

फिर सबसे बड़ा सवाल अवैध खनन को संरक्षण देने को लेकर उठ रहा है। क्या माना जाए कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कैबिनेट मंत्री अवैध खनन करने वालों को संरक्षण दे रहें हैं। क्योंकि पुलिस का दावा है कि उसने जो डंपर सीज किए थे वो अवैध खनन सामग्री को लेकर जा रहे थे। ऐसे में कैबिनेट मंत्री की भूमिका पर सवाल उठना लाजमी है। फिर सवाल ये भी है कि अवैध खनन रोकने के सरकार के दावे क्या हुए। क्योंकि पुलिस उसे रोकने की कोशिश में है तो नेता उसे संरक्षण दे रहें हैं। ऐसे में अवैध खनन रुकेगा कैसे। जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें दरोगा से धक्का मुक्की साफ तौर पर दिख रही है। अरविंद पांडेय इस दौरान वहां खड़े हैं। हालांकि बाद में वो अपने साथ आए लोगों को रोकने की कोशिश करते हुए दिखते हैं।

खबरें हैं कि विपक्षी इस मुद्दे की शिकायत निर्वाचन आयोग से करने की तैयारी में हैं। कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अब ऐसे में देखना होगा कि प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

वीडियो देखिए –

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