निजी अस्पताल ने तबाह किए दो परिवार, संक्रमित खून चढ़ाने से 6 को एड्स

निजी अस्पतालों की एक लापरवाही से दो परिवारों की खुशिया तबाह हो गई. निजी अस्पताल की लापरवाही से दो परिवारों के 6 लोगों को गंभीर बिमारी ने अपनी चपेट में ले लिया…ये कैसे आईय समझाते हैं???

6 लोगों को संक्रमण खून चढ़ाने से एड्स

दरअसल आगरा के मैनपुरी स्थित एक निजी अस्पताल ने दो परिवार के 6 लोगों को संक्रमित खून चढ़ा दिया जिससे पति-पत्नी समेत उनका बच्चा औऱ अन्य तीन लोग एड्स की चपेट में आ गए।जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई काउंसलिंग में निजी अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया गया है।

संक्रमित खून से मजदूर औऱ उसकी पत्नी और बच्चे को एड्स

मिली जानकारी के अनुसार एड्स ग्रसित युवक दो साल पहले फर्रुखाबाद आया था औऱ यहां मजदूरी कर रहा था। तभी पत्नी की तबियत खराब हो गई। खून की कमी होने पर एक निजी अस्पताल में खून चढ़वाया। जनवरी में युवक की हालत बिगड़ी तो वह इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचा। जांच में वह एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। डॉक्टरों की सलाह पर पत्नी और छह महीने के बच्चे की जांच हुई तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। युवक का आरोप है कि संक्रमित खून से पत्नी उसे और बच्चे को एचआईवी हुआ है।

एक अन्य दंपती ने एचआईवी पॉजीटिव

वहीं इसी शहर में एक ओऱ दंपती में भी एचआईवी पॉजिटिव पाया आया है। काउंसलिंग में पीड़ित पति ने बताया कि वह एक वर्ष पहले बीमार हुआ था तो शहर के एक अस्पताल में खून चढ़ाया गया था।जनवरी महीने में उसकी तबियत खराब होने पर उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया है। पत्नी भी जांच में एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है। इसके अलावा एक अन्य युवक भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया जो की पेशे से ड्राइवर है। सभी को उच्च स्तरीय जांच और इलाज के लिए सैफई रेफर किया गया है। आपको बता दें कि जनवरी महीने में जिले में छह लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं।

लोगों से अपील

वहीं इस मामले के बाद इस मामले की रिपोर्ट उच्चअधिकारियों को भेज दी गई है। साथ ही स्वास्थय विभाग ने अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वो ब्लड बैंक से ही ब्लड लें ऐसे निजी अस्पतालों में जिंदगी बर्बाद न करें। अपील की गई है कि मैनपुरी में जिला अस्पताल के अतिरिक्त कोई पंजीकृत ब्लड बैंक नहीं है तो ऐसे में जिला अस्पताल से ही खून चढ़वाएं।

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