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सही से ब्रश न करने पर कैंसर का खतरा! AIIMS की नई स्टडी ने चौंकाया

अगर आप सोचते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करना सिर्फ दांतों को सफेद और सांसों को ताज़ा रखने के लिए जरूरी है तो ज़रा रुकिए। AIIMS दिल्ली की एक ताज़ा स्टडी सामने आई है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। इसमें बताया गया है कि अच्छी ओरल हाइजीन( oral hygiene) यानी मुंह की साफ-सफाई, सिर्फ कैविटी या बदबू ही नहीं, बल्कि कैंसर का खतरा (Cancer Risks) भी कम कर सकती है।

सही से ब्रश न करने पर कैंसर का खतरा!

मुंह में जमा गंदगी और बैक्टीरिया ना सिर्फ आपके मसूड़ों और दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं। बल्कि ये धीरे-धीरे कई बड़ी बीमारियों की जड़ भी बन सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से अपने दांतों की देखभाल करते हैं तो इससे ओरल हेल्थ बेहतर रहती है और शरीर की बाकी समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है।

मुंह और कैंसर का क्या है रिश्ता?, AIIMS की रिपोर्ट

द लैंसेट रीजनल हेल्थ में छपी एम्स की इस रिसर्च के मुताबिक मुंह की सफाई ठीक से ना करने पर कुछ खास बैक्टीरिया जैसे पॉरफिरोमोनस जिंजिवलिस और प्रीवोटेला इंटरमीडिया पनपते हैं। ये कि सिर और गर्दन के कैंसर का कारण बन सकते हैं। ये बैक्टीरिया ना सिर्फ ओरल इंफेक्शन का कारण बनते हैं बल्कि धीरे-धीरे शरीर को कैंसर(Cancer Risks) जैसी गंभीर बीमारियों की ओर भी धकेल सकते हैं।

ट्रीटमेंट में क्यों आती है रुकावट?

जिन मरीजों को सिर और गर्दन के कैंसर के लिए रेडियोथेरेपी दी जाती है उनके मुंह में बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है। इससे इलाज के दौरान गुड बैक्टीरिया कम हो जाते हैं। जिससे हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। एम्स के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मरीज रेडियोथेरेपी से पहले और दौरान मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान दें तो इलाज का असर बेहतर हो सकता है।

Disclaimer: ये लेख सिर्फ जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। सेहत से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना ज़रूरी है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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