उत्तराखंड में 2 किलो दाल पर सियासी संग्राम, राजभवन और निर्वाचन आयोग पहुंची शिकायत-सफाई

देहरादून। पंचायत चुनाव से ठीक पहले उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को महीने में 2 किलो दाल देने की योजना का शुभारंभ किया मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत हर राशन कार्ड धारक को प्रदेश में महीने में 2 किलो दाल 44 रूपये मूल्य पर सस्ते गल्ले की दुकानों पर मिलने शरू हो गयी है। प्रदेश में योजना का लाभ भी कार्ड धारकों को मिलना शुरू हो गया है लेकिन प्रदेश में पंचायत चुनाव की आचार संहिता के बीच पहली बार दाल का लाभ राशन कार्ड धारकों को मिलना क्या शुरू हुआ विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने इसे आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बता दिया है।

यह सीधे तौर से आचार संहिता का उल्लंघन- कांग्रेस

दरअसल कांग्रेस ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल और निर्वाचन आयोग में भी शिकायत कर दी कि किस सरकार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है, जिसका फायदा भाजपा संगठन को मिल सकता है क्योंकि जिस पैकेट में 2 किलो दाल उपलब्ध कराई जा रही है. उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की फोटो छपी हुई है. कांग्रेस का कहना है कि यह सीधे तौर से आचार संहिता का उल्लंघन है।

सरकार की योजनाओं का दुष्प्रचार है.-भाजपा

वहीं कांग्रेस के आरोपों पर आज भारतीय जनता पार्टी राज भवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात पहुंचे और राज्यपाल को भाजपा ने अवगत कराया कि जिस योजना के बहाने कॉन्ग्रेस सरकार की छवि चुनाव में धूमिल करना चाह रही है वह सरासर गलत है और सरकार की योजनाओं का दुष्प्रचार है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना को पंचायत चुनाव से पहले ही प्रदेश शुरू किया गया था जिसका लाभ राशन कार्ड धारकों को मिल रहा है. भाजपा की कोशिश गरीबों के उत्थान की रही है और इसी के चलते इस योजना को शुरू किया गया है. गरीबों के हितों पर हमेशा ही डाका डालने वाली कांग्रेस 2 किलो दाल गरीब जनता को मिलने से घबरा गई है इसलिए वह राज्यपाल के पास पहुंचे हैं कि योजना पहले से ही शुरू हो गई थी जिससे किसी भी तरह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है.

अजय भट्ट का कहना कि प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग में भी कांग्रेस के दुष्प्रचार के खिलाफ शिकायत करेगा

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