लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने 88 मिनट तक दिया भाषण, पढ़िए अहम बिंदु

pm modi on independence day 2021

 

भारत आज अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर देश का तिरांगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कुल 88 मिनट का भाषण दिया। पीएम मोदी ने नया मंत्र देते हुए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास में ‘सबका प्रयास’ को जोड़ दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब सभी सैनिक स्कूलों में बेटियां भी पढ़ेंगे। वहीं इसके अलावा युवाओं के रोजगार के लिए ‘पीएम गति शक्ति’ योजना का भी एलान किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सुभाषचंद्र बोस से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई तक के सभी वीर शहीदों को नमन किया। लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश इन सभी महापुरुषों का कर्जदार है और हमेशा रहेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर से कोरोना वैक्सीन के लिए दूसरे देशों पर निर्भर न रहने को उपलब्धि बताया।

मैं स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष अवसर पर सबको बधाई देता हूं। यह हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का दिन है।

हमारे खिलाड़ियों के सम्मान में आइए कुछ पल तालियां बजाकर उनका सम्मान किया जाए। भारत के खेलों का सम्मान, भारत की युवा पीढ़ी का सम्मान, भारत को गौरव दिलाने वालों को सम्मान

– कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक हों, सेवा में जुटे नागरिक हों, वे सब भी वंदन के अधिकारी हैं।

– भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब आंबेडकर, देश ऐसे हर व्यक्तित्व को याद कर रहा है, देश इन सबका ऋणी है।

– हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

– प्रगति पथ पर बढ़ रहे हमारे देश के सामने, पूरी मानवजाति के सामने कोरोना का यह कालखंड बड़ी चुनौती के रूप में आया है। भारतवासियों ने संयम और धैर्य के साथ इस लड़ाई को लड़ा है।

– हर देश की विकासयात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वो देश खुद को नए सिरे से परिभाषित करता है, खुद को नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है। भारत की विकास यात्रा में भी आज वो समय आ गया है।

– यहां से शुरू होकर अगले 25 वर्ष की यात्रा नए भारत के सृजन का अमृतकाल है। इस अमृतकाल में हमारे संकल्पों की सिद्धि, हमें आजादी के 100 वर्ष तक ले जाएगी।

– संकल्प तब तक अधूरा होता है, जब तक संकल्प के साथ परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा न हो। इसलिए हमें हमारे सभी संकल्पों को परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा करके सिद्ध करके ही रहना है।

– सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास, इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुटे हुए हैं। आज लाल किले से मैं आह्वान कर रहा हूं- सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और अब सबका प्रयास हमारे हर लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

– अब हमें सैचुरेशन की तरफ जाना है। शत प्रतिशत गांवों में सड़कें हों, शत प्रतिशत परिवारों के पास बैंक अकाउंट हो, शत प्रतिशत लाभार्थियों के पास आयुष्मान भारत का कार्ड हो, शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों के पास उज्ज्वला योजना का गैस कनेक्शन हो।

– सरकार अपनी अलग-अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, उसे फोर्टिफाई करेगी, गरीबों को पोषणयुक्त चावल देगी। राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो, मिड डे मील में मिलने वाला चावल हो, वर्ष 2024 तक हर योजना के माध्यम से मिलने वाला चावल फोर्टिफाई कर दिया जाएगा।

– 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए भारत के सामर्थ्य का सही इस्तेमाल, पूरा इस्तेमाल जरूरी है। इसके लिए जो वर्ग पीछे है, जो क्षेत्र पीछे है, हमें उनकी हैंड-होल्डिंग करनी ही होगी।

– लद्दाख भी विकास की अपनी असीम संभावनाओं की तरफ आगे बढ़ चला है। एक तरफ लद्दाख, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होते देख रहा है तो वहीं दूसरी तरफ ‘सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी’ लद्दाख को उच्च शिक्षा का केंद्र भी बनाने जा रही है।

– देश के जिन ज़िलों के लिए ये माना गया था कि ये पीछे रह गए, हमने उनकी आकांक्षाओं को भी जगाया है। देश मे 110 से अधिक आकांक्षी ज़िलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, रोज़गार, से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें से अनेक जिले आदिवासी अंचल में हैं।

– आज हम अपने गांवों को तेजी से परिवर्तित होते देख रहे हैं। बीते कुछ वर्ष, गांवों तक सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं को पहुंचाने रहे हैं। अब गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, डेटा की ताकत पहुंच रही है, इंटरनेट पहुंच रहा है। गांव में भी डिजिटल एंटरप्रेन्योर तैयार हो रहे हैं।

– गांव में जो हमारी सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी 8 करोड़ से अधिक बहनें हैं, वो एक से बढ़कर एक प्रॉडक्ट्स बनाती हैं। इनके प्रॉडक्ट्स को देश में और विदेश में बड़ा बाजार मिले, इसके लिए अब सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।

– किसानों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा- किसानों की जमीन छोटी होती जा रही है। 80 प्रतिशत किसानों के पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। 100 में से 80 किसान यानी देश का किसान एक तरीके से छोटा किसान है। देश में पहले जो नीतियां बनीं, उसमें छोटे किसानों पर जो नीतियां बननी चाहिए थी, उन पर जो ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए था, वह नहीं हुआ।

– छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा। उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी।

– हम आजादी का जश्न मनाते हैं, पर बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है।

– जहां तक हो सके अतीत की ओर देखो। पीछे जो चिर नूतन झरना बह रहा है, आकंठ उसका जल पीयो। उसके बाद सामने की ओर देखो। आगे बढ़ो और भारत को पहले से ज्यादा उज्ज्वल, महान, श्रेष्ठ बनाओ।

– देश ने एक बहुत अहम फैसला लिया है। आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदे भारत ट्रेनें देश के हर कोने को जोड़ेंगी। देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी। आज जिस गति से देश में नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।

– भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में होलिस्टिक अप्रोच अपनाने की भी जरूरत है। भारत आने वाले कुछ ही समय में प्रधानमंत्री गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान को लॉन्च करने जा रहा है।

– भारत आने वाले कुछ समय में प्रधानमंत्री गति शक्ति का नैशनल मास्टर प्लान देश के सामने रखेगा। 100 लाख करोड़ से भी अधिक की योजना लाखों के नौजवानों के लिए रोजगार के लिए नया अवसर लेकर आएगी। यह ऐसा मास्टर प्लान होगा, जो हॉलिस्टिक इंफ्रास्ट्र्क्चर की नींव रखेगा। अभी ट्रांसपोर्ट के साधनों में कोई तालमेल नहीं है। यह इस गतिरोध को तोड़ेगी।

– विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए भारत को अपनी मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट, दोनों को बढ़ाना होगा। आपने देखा है, अभी कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा है। भारत आज अपना लड़ाकू विमान बना रहा है, सबमरीन बना रहा है, गगनयान भी बना रहा है।

– देश के सभी मैन्यूफैक्चर्स को भी ये समझना होगा- आप जो प्रॉडक्ट बाहर भेजते हैं वो आपकी कंपनी में बनाया हुआ सिर्फ एक प्रॉडक्ट नहीं होता। उसके साथ भारत की पहचान जुड़ी होती है, प्रतिष्ठा जुड़ी होती है, भारत के कोटि-कोटि लोगों का विश्वास जुड़ा होता है। मैं इसलिए मनुफक्चरर्स को कहता हूं कि आपका हर एक प्रॉडक्ट भारत का ब्रैंड एंबेसेडर है। जब तक वो प्रॉडक्ट इस्तेमाल में लाया जाता रहेगा, उसे खरीदने वाला कहेगा – हां ये मेड इन इंडिया है।

– हमने देखा है, कोरोना काल में ही हजारों नए स्टार्ट-अप्स बने हैं, सफलता से काम कर रहे हैं। कल के स्टार्ट-अप्स, आज के यूनिकॉर्न बन रहे हैं। इनकी मार्केट वैल्यू हजारों करोड़ रुपए तक पहुंच रही है।

– रिफॉर्म्स को लागू करने के लिए गुड और स्मार्ट गवर्नेंस चाहिए। आज दुनिया इस बात की भी साक्षी है कि कैसे भारत अपने यहां गवर्नेंस का नया अध्याय लिख रहा है।

– बेवजह के कानून खत्म करने जरूरी हैं। देश में 200 साल पहले का एक कानून चला आ रहा था, जिसकी वजह से देश के नागरिक को नक्शा बनाने की आजादी नहीं थी।

– 200 साल पहले हमारे यहां एक कानून चला आ रहा था, जिसकी वजह से देश के नागरिक को नक्शा बनाने की आजादी नहीं थी। नक्शा बनाना है तो सरकार से पूछिए, नक्शा खो जाने पर गिरफ्तारी का भी प्रावधान था। आज हर फोन में मैप का ऐप है। सैटलाइट की इतनी ताकत है। ऐसे कानूनों का बोझ लेकर देश को कैसे आगे बढ़ाएंगे हम।

– आज देश के पास 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली नई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ भी है। जब गरीब के बेटी, गरीब का बेटा मातृभाषा में पढ़कर प्रोफेशनल्स बनेंगे तो उनके सामर्थ्य के साथ न्याय होगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को गरीबी के खिलाफ लड़ाई का मैं साधन मानता हूं।

– नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक और विशेष बात है। इसमें स्पोर्ट्स को एक्स्ट्रा करिकुलर की जगह मेनस्ट्रीम पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है। जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं, उनमें एक स्पोर्ट्स भी है।

– मातृभाषा में होनहार लोग मिल सकते हैं। मातृभाषा में पढ़े हुए लोग आगे आएंगे, तो उनका आत्मविश्वास और बढ़ेगा।

– नैशनल हाइड्रोजन मिशन का ऐलान कर रहा हूं। अमृतकाल में हमें भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के प्रॉडक्शन और एक्सपोर्ट का ग्लोबल हब बनाना है। इससे ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की नई प्रगति होगी और आत्मनिर्भर बनाएगा।

– आज देश के महान विचारक श्री ऑरबिंदो की जन्मजयंती भी है। साल 2022 में उनकी 150वां जन्मजयंती है। वो कहते थे कि- हमें उतना सामर्थ्यवान बनना होगा, जितना हम पहले कभी नहीं थे। हमें अपनी आदतें बदली होंगी, एक नए हृदय के साथ अपने को फिर से जागृत करना होगा।

– चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बगैर पीएम मोदी ने कहा- आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है।

– सर्जिकल और एयर स्ट्राइक कर भारत ने दुश्मनों को चेता दिया है कि हम किसी से कम नहीं हैं।

– मैं भविष्य़दृष्टा नहीं हूं, मैं कर्म के फल पर विश्वास रखता हूं। मेरा विश्वास देश के युवाओं पर है। मेरा विश्वास देश की बहनों-बेटियों, देश के किसानों, देश के प्रोफेशनल्स पर है। ये कैन डू जेनरेशन है, ये हर लक्ष्य हासिल कर सकती है।

– 21वीं सदी में भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। हमारी ताकत हमारी जीवटता है, हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। हमारी प्राणशक्ति, राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना है।

– यही समय है, सही समय है,भारत का अनमोल समय है। असंख्य भुजाओं की शक्ति है,हर तरफ़ देश की भक्ति है, तुम उठो तिरंगा लहरा दो,भारत के भाग्य को फहरा दो। यही समय है, सही समय है, भारत का अनमोल समय है। कुछ ऐसा नहीं जो कर ना सको, कुछ ऐसा नहीं जो पा ना सको, तुम उठ जाओ, तुम जुट जाओ, सामर्थ्य को अपने पहचानो, कर्तव्य को अपने सब जानो, भारत का ये अनमोल समय है, यही समय है, सही समय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here