पायलट कैप्टन दीपक वी. साठे को था 30 सालों का अनुभव लेकिन किसमत ने नहीं दिया साथ

कोझिकोड हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार को हादसे का शिकार हो गया। विमान के रनवे में फिसलने नीचे आ गिरा औऱ विमान के दो टुकड़े हो गए। इस दर्दनाक हादसे में पायलट कैप्टन दीपक वी. साठे, को -पायलट समेत 18 लोगों की मौत हो गई। पूरा देश इस हादसे से सदमे में है। आपको बता दें कि इस विमान हादसे में कैप्टन साठे (58) की मौत हो गई जो की पवई स्थित जलवायु बिल्डिंग के निवासी थे औऱ उनके दो बेटे हैं. जानकारी मिली है कि कैप्टन का एक बेटा बेंगलुरू जबकि दूसरा अमेरिका में रहता है. जो की केरल पहुंचने वाले हैं. कैप्टर साठे काफी अनुभवी पायलट थे जिन्हें अवार्ड भी मिला था। वायुसेना के पुरस्कार विजेता एक पूर्व अधिकारी कैप्टन साठे का 30 सालों का अनुभव था। उन्होंने पहले कई ऐसे हादसे होने से बचाए और स्थिति को संभाला। वो काफी अनुभवी थे लेकिन शायद किसमत को कुछ और ही मंजूर था। साठे ने लगभग 18 साल उन्होंने एयर इंडिया को दिए थे. बताया जा रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की यह उड़ान दुबई से वंदे भारत मिशन के तहत लौट रही थी.

जानकारी मिली है कि केरल विमान हादसे में रेसक्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है. दो पायलट समेत 18 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है वहीं 170 लोगों को बचा लिया गया है लेकिन कइयों की हालत गंभीर बनी हुई है जिसमे गर्भवती महिला और बच्चे भी शामिल है। एयर इंडिया विमान (IX-1344) में 190 लोग सवार थे, जिसमें 174 वयस्क यात्री, 10 बच्चे, 04 केबिन क्रू और 2 पायलट थे. घायलों को मल्लपुरम और कोझिकोड के अस्पतालों में एडमिट कराया गया है. विमान बारिश के कारण कोझिकोड हवाईपट्टी से फिसल गया और 35 फुट नीचे गिर गया और दो हिस्सों में टूट गया. ये हादसा शुक्रवार शाम 7.41 बजे हुआ.

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