शिक्षा विभाग में बड़ा फैसला: प्रतिनियुक्ति पर तैनात कार्मिकों की होगी वापसी

उत्तराखंड शिक्षा विभाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों, विभागीय कार्यालयों और अन्य विभागों में लंबे समय से अटैचमेंट या डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग के प्रतिनियुक्ति पर तैनात कार्मिकों की होगी वापसी
मंत्री ने लंबे समय से विभिन्न स्कूलों, विभागीय कार्यालयों और अन्यत्र विभागों में सम्बद्ध अथवा प्रतिनियुक्ति पर गए शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कार्मिकों का ब्यौरा तलब किया है। जिसमें कार्मिक का नाम, पद, मूल तैनाती स्थल, वर्तमान कार्यस्थल, प्रतिनियुक्ति और अटैचमेंट की अवधि एवं कारण सहित सभी आवश्यक जानकारियां मांगी गई है।
मंत्री ने एक हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
डाॅ. रावत ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों के विभिन्न स्तरों पर अटैच किए गए कार्मिकों का पूरा विवरण एक सप्ताह के भीतर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि मूल तैनाती से इतर दूसरी जगहों पर कार्यरत शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कार्मिकों को वापस भेजा जा सके।
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शिक्षकों की कमी की शिकायतों पर मंत्री का एक्शन
मंत्री ने कहा कि कई मामलों में विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की शिकायतें मिलती हैं, जबकि बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी विभिन्न कार्यालयों या अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति या अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। मंत्री ने कहा कि तीन साल से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति और अचैट पर गए कार्मिकों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। जिन कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति या अटैचमेंट आवश्यक नहीं पाई जाएगा, उन्हें मूल तैनाती पर वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
किन कार्मिकों को मिलेगी रियायत?
मंत्री ने ये भी साफ़ किया है कि सिर्फ उन्हीं कार्मिकों को रियायत दी जायेगी जो दिव्यांग है या विशेष परिस्थियों में जिनका अटैचमेंट किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की वापसी से विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। डॉ. रावत ने यह भी निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर सटीक और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या तथ्य छुपाने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।