टूट रहा उत्तराखंड के लोगों के सब्र का बांध, लापता जवान को जल्द लाने की मांग

देहरादून l कश्मीर के गुलमर्ग से आठ जनवरी को लापता हुए मूल रुप से चमोली और वर्तमान निवासी राजेंद्र सिंह नेगी का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है जिससे जवान के परिजनों और पूरे प्रदेश की जनता की चिंता भी बढ़ती जा रही है. सैनिक के परिवार वालों और उत्तराखंड के लोगों का सब्र का बांध भी टूटता जा रहा है और लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर रहा है।

केंद्र और राज्य सरकार से बेटे को जल्द ढूंढने की गुहार

जवान नेगी के पिता रतन सिंह और प्रदेश की जनता ने केंद्र और राज्य सरकार से बेटे को जल्द ढूंढने की गुहार लगाई है. इतना ही नहीं जवान के आस पास के रहने वाले स्थानीय निवासी भी अब जवान के परिवार के साथ खड़े होकर सड़कों पर उतर आए हैं।

राजेंद्र सिंह के तीन छोटे बच्चे पिता की राह देख रहे

स्थानीय निवासियों ने आज गांधी पार्क में धरना दिया और केंद्र और राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि राजेन्द्र नेगी को लापता हुए एक महीने का समय होने वाला है, लेकिन अभी तक उसकी कोई खबर नहीं मिली है. राजेंद्र सिंह के तीन छोटे बच्चे हैं, जो अपने पिता की राह देख रहे हैं.साथ ही उनका कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार राजेन्द्र नेगी को जल्द से जल्द ढूंढे ताकि उन्हें शांति मिल सके.

कश्मीर के गुलमर्ग में 18वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे राजेंद्र

बता दें कि देहरादून निवासी जवान राजेंद्र सिंह नेगी कश्मीर के गुलमर्ग में 18वीं गढ़वाल राइफल में तैनात थे. जवान नेगी आठ जनवरी को सुबह 11 बजे गुलमर्ग में पाकिस्तान सीमा  पर गश्त कर रहे थे. तभी अचानक उनका पैर बर्फ पर फिसल गया था।  तभी से सेना उसकी तलाश कर रही थी. लेकिन अभी तक जवान नेगी का कोई सुराग नहीं लगा. ऐसे में परिजनों को चिंता बढ़ती जा रही है.।

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