उत्तराखंड : ऑपरेशन स्माइल ने लौटाई ‘जलील’ की खुशियां, 10 साल बाद परिवार से मिलाया

सितारगंज : डीजीपी उत्तराखंड के आदेश पर ऑपरेशन स्माईल अभियान के तहत प्रदेश में खोए हुए बच्चों व वृद्धों को खोजने को लेकर पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत लगभग 10-11 वर्ष पूर्व सितारगंज निवासी एक  वृद्ध को चमोली पुलिस ने खोज निकाला, जिसको लेकर चमोली पुलिस का जवान वृ्द्ध का फोटो लेकर कोतवाली पहुँचा और जानकारी ली तो परिजनों ने भी वृद्ध की की पहचान हुई। एक बिछड़े हुए को पुलिस के अभियान ने 10 साल बाद परिवार से मिला दिया।

उत्तराखंड के डीजीपी अनिल रतूड़ी के आदेश पर पूरे उत्तराखंड में पुलिस द्वारा गुमसुदा बच्चों,महिलाओ,युवको, बृद्धो को खोजने को लेकर ऑपरेशन स्माईल के नाम से अभियान चला रही है।जिसके तहत सितारगंज से लगभग 10-11 वर्ष पूर्व काम करने गए जलील अहमद पुत्र सद्दीक अहमद घर वापिस नहीं लोटे। जिसपर उसकी पत्नी मोविन वार्ड -2 सितारगंज द्वारा सितारगंज कोतवाली में 2 जून 2013 में गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी।लेकिन उसके बाद उसके पति जलील अहमद का कोई अता-पता नही मिल पाया।परिजनों को शक हो गया था कि पहाड़ पर आयी देवी आपदा में कही उनकी मृत्यु तो नहीं हो गयी। लेकिन चमोली से आये पुलिस कर्मी के द्वारा उनकी फोटो दिखाने पर परिजनों ने उनकी शिनाख्त जलील अहमद के रूप में की है।

पुलिस कर्मी चंदन सिंह नगरकोटी ने बताया कि ऑपरेशन स्माईल अभियान के तहत चमोली के बृद्ध आश्रम में 65 साल के जलील अहमद नामक व्यक्ति मिला है जो ऊधमसिंहनगर के सितारगंज का बताता है लेकिन अपने घर का पता नहीं बता पा रहा था जिसके बाद आज हम सितारगंज कोतवाली पहुँच कर पुलिस की मदद से इनके घर के परिजनों से इनके फोटो से शिनाख्त हो गयी है। अब इनके परिजनों को चमोली लेकर जा रहे हैं।कानूनी प्रकिया करने के बाद जलील अहमद को परिजनों को सौंप दिया जायेगा।

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