अब विदेशी आसानी से समझ सकेंगे गढ़वाली औऱ कुमाऊनी भाषा, ऐप लॉन्च

देहरादून : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद महानिदेशक ने डा. राजेन्द्र डोभाल ने विज्ञान धाम में ‘हैलो उत्तराखण्ड ऐप’ को लाँच किया।इस ऐप के जरिए अब विदेशी भी पहाड़ी भाषाओं को आसानी से समझ सकेंगे और इस काम को आसान किया युवा आकाश शर्मा ने।

जी हां आज डॉक्टर डोभाल ने इस ‘हैलो उत्तराखण्ड ऐप’ पर कार्य कर रहे युवा आईटी पेशेवर और डाटा एक्सपर्ट आकाश शर्मा, जो की पब्लिक रिलेशन सोसायटी ऑफ इण्डिया, देहरादून चेप्टर के सक्रिय सदस्य है, को बधाई दी। तकनीकी रूप से इस ऐप को कैसे जन उपयोगी बनाया जा सकता है, इस पर अपने विचार साझा किये। उन्होंने कहा कि बड़ा हर्। का विशय है कि हमारे प्रदेष के युवा तकनीकी का उपयोग करके नये कार्य कर रहे हैं। यह हैलो उत्तराखण्ड ऐप हमारे प्रदेष के पर्यटन व्यवसाय के लिये आने वाले समय में बहुत उपयोगी सिद्ध होगा।

विदेशी आसानी से समझ सकेंगे गढ़वाली औऱ कुमाऊनी भाषा

इस ऐप को बनाने वाले आकाश शर्मा ने बताया कि उत्तराखण्ड में पर्यटन की अपार सम्भावना है। हर साल लाखों विदेशी पर्यटन राज्य में आते हैं। विदेशी पर्यटकों एवं हमारे स्थानीय निवासियों के मध्य भाशा को लेकर काफी समस्या रहती है। इसी बात को महसूस करते हुए एक ऐसी ऐप तैयार की गई है जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भाषा की समस्या खत्म हो सके। कोई भी विदेशी पर्यटक अपनी देश की भाषा में उत्तराखण्ड की गढ़वाली एवं कुमाउनी और जौनसारी भाषा के शब्दों को बोल व समझ सकेगा। अभी इस ऐप का बीटा वर्जन जारी किया है जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। फरवरी, 2020 में वृहद स्तर पर इसको लाँच किया जायेगा। अभी ऐप से लगभग 100 भाषाओं में अनुवाद हो सकेगा।

इस मौके पर पीआरएसआई देहरादून चेप्टर के सचिव, अनिल सती, संयुक्त सचिव, अमित पोखरियाल, कोशाध्यक्ष, सुरेष भट्ट, वैभव गोयल, डा. बीपी पुरोहित, संयुक्त निदेषक एवं डा. राकेष सुन्द्रियाल, वरिश्ठ वैज्ञानिक, हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, अल्मोड़ा भी उपस्थित थे।

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