चारधाम यात्रा को लेकर कंफ्यूजन : अधिकारी भी खुजा रहे सिर, सिर्फ 3 जिलों के लोग कर पाएंगे दर्शन!

देहरादून : बीते दिन सरकार ने चारधाम यात्रा को लेकर एसओपी जारी की जिसके बाद लोग कंफ्यूज हैं। जी हां लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि स्थानीय मतलब क्या हुआ. क्योंकि कुछ निजी अखबारों में लिखा गया है कि स्थानीय मतलब जिले के लोग हैं। अखबारों के अनुसार सिर्फ जिले के लोग ही धामों में दर्शन कर पाएंगे। जबकि कुछ लोग समझ रहे हैं कि स्थानीय मतलब पूरे प्रदेश की जनता चाराधाम य़ात्रा कर पाएगी। अभी स्थिति साफ नहीं है। सिर्फ लोग ही नहीं बल्की बड़े अधिकारी भी इसको लेकर कंफ्यूज हैं उनकी भी स्थिति स्थानीय को लेकर साफ नही है।

लोगों के साथ अधिकारी भी कंफ्यूज, अधिकारी खुजा रहे सिर

आपको बता दें कि चारोंधामों की यात्रा 30 जून के बाद शुरु होगी वो भी शर्तों के साथ. वो सब तो ठीक है लेकिन लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि स्थानीय मतलब कौन?इतना ही नहीं इसको लेकर अधिकारी भी सिर खुजा रहे हैं। जिले के लोग या पूरे प्रदेश के? कहीं ऐसा न हो दूसरे दूर जिले से लोग दर्शन के लिए निकले और जानकारी न होने पर फंस जाएँ। ऐसे में सरकार को साफ करने की जरुरत है कि स्थानीय मतलब कौन।

क्या सिर्फ उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली के लोग कर पाएंगे दर्शन

कई लोग समझ रहे हैं कि स्थानीय मतलब प्रदेश के किसी भी जिले के लोग दर्शन कर पाएंगे लेकिन अमर उजाला और दैनिक जागरण की खबर के अनुसार सिर्फ उन्हीं जिलों के लोग दर्शन कर पाएंगे जहां ये धाम स्थित हैं जैसी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली केलोग। तो कई लोग समझ रहे हैं कि पूरे प्रदेश के लोग। जल्द ही सरका को स्थिति साफ करनी चाहिए।

खबर उत्तराखंड ने की सीईओ से बात

वहीं जब खबर उत्तराखंड ने बदरीनाथ के सीईओ बीडी सिंह से बात की तो वो भी कंफ्यूज नजर आए। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति साफ नहीं है औऱ ये डीएम तय करेंगे की स्थानीय कौन हैं?

ये होगा दर्शन का समय

उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड ने चारधामों में स्थानीय लोगों के जाने के लिए संख्या तय की है। बदरीनाथ में 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालु प्रतिदिन जाएंगे। एसओपी के अनुसार सुबह 7 से शाम 7 बजे तक दर्शन करने का समय रहेेगा। वहीं, दर्शन के लिए देवस्थानम बोर्ड की ओर से निशुल्क टोकन दिया जाएगा। चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन की ओर से जारी एसओपी में कहा कि बिना टोकन के स्थानीय लोगों को दर्शन की अनुमति नहीं होगी। दर्शन के लिए पहले टोकन लेना अनिवार्य होगा। टोकन लेते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहना जरूरी होगा।

30 जून तक रद्द रखने पर सहमति 

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं गढ़वाल मंडलायुक्त रविनाथ रमन के निर्देश पर चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी के डीएम ने तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूकधारियों के साथ बीते रोज बैठक की। तीनों जिलों में स्थापित चारधाम के हक-हकूकधारियों ने कोविड-19 के मद्देनजर यात्रा को 30 जून तक रद्द रखने पर सहमति जताई। 30 जून के बाद यात्रा शुरु की जाएगी।

डीएम की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया

वहीं खबर है कि तीनों जिलों के डीएम की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया कि स्थानीय श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी। बस इसी को लेकर लोग कन्फ्यूज है। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रतिदिन के हिसाब से लोगों को जाने की अनुमति दी जाएगी। दूसरे जिले या राज्य के किसी भी व्यक्ति को चार धाम में जाने की अनुमति नहीं होगी।

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