उत्तराखंड में औषधीय खेती से रुकेगा पलायन, नीति आयोग की सलाहकार ने की चर्चा

nilam patel

 

देहरादून। नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल शनिवार को हर्रावाला स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय पहुंची। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य की जरूरतों के हिसाब से योजनाएं तैयार की जाएंगी। राज्य में पलायन को रोकने में कारगर योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। डॉ. पटेल ने राज्य में औषधीय गुणों वाले पौधों की व्यापक खेती को लेकर भी चर्चा की है।

बैठक में डॉ नीलम पटेल ने गंगा कॉरिडोर विकसित करने के दृष्टिकोण से खेती करने व गंगा के दोनों ओर 5 km तक गोमुख से गंगासागर तक की दृष्टि से नीति आयोग की नीति, भूमिका व उद्देश्य से भी लोगों को परिचित कराया है।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सुनील कुमार जोशी ने डॉ. नीलम पटेल का स्वागत किया। प्रो जोशी ने नेचुरल हर्ब्स और क्रॉप्स के जरिए होने वाली चिकित्सा के बारे में जानकारी दी है। वहीं विश्वविद्यालय से डॉ शैलेन्द्र प्रधान व डॉ दीपक सेमवाल, डॉ किरण वशिष्ठ ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में किसानों को सक्षम करने में व खेती के साथ साथ किसानों को औषधीय गुण से युक्त पौधौ के बारे में विस्तार से बताया। राज्य में प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ ही औषधीय गुणों वाले पौधों की व्यापक स्तर पर खेती को लेकर भी चर्चा हुई है। इस दौरान कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में राज्य औषध पादप बोर्ड से डॉ. नृपेंद्र चौहान भी मौजूद रहे। औषधीय खेती करने वाले किसान भी मौजूद रहे। किसानों ने खेती और मार्केटिंग से जुड़ी अपनी परेशानियां नीति आयोग की सलाहकार के सामने रखी हैं।

बैठक के बाद प्रभारी कुलसचिव डॉ राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान अमित जैन, वित्त नियंत्रक भी उपस्थित रहे ।

 

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