Big NewsDehradun

दूनवासियों में नए मोटर व्हीकल एक्ट का भयंकर खौफ, यहां लगी लंबी कतारें

Breakinh uttarakhand newsदेहरादून : केंद्र सरकार की ओर से लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद देश भर की जनता में खौफ पैदा हो गया है. भारी भरकम चालान से बचने के लिए लोग नए नए हथकंडे अपना रहे हैं और साथ ही जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं है तो उसे पूरा करने में लगे हैं. लोगों की लंबी लंबी कतारें संबंधित कार्यालयों में देखने को मिल रही है.

दून में वाहन चालकों में नए मोटर व्हीकल एक्ट का खौफ

जी हां ऐसा ही खौफ देखने को मिल रहा है देहरादून वासियों में। दून में वाहन चालकों में नए मोटर व्हीकल एक्ट का खौफ साफ तौर पर देखा जा सकता है. लाइसेंस बनाना हो या प्रदूषण जांच संबंधी दस्तावेज औऱ बीमा के लिए कार्यालयों में भीड़ देखने को मिल रही है.  अगर बात करें प्रदूषण जांच केन्द्रों की तो सबसे ज्यादा भीड़ यहीं देखने को मिल रही है. वाहन स्वामियों की लंबी कतारें ऑफिस के बाहर लगी हुई है.

हर रोज 20 लाख वाहन दून की सड़कों पर दौड़ते हैं 

आपको बता दें कि देहरादून की सड़कों पर हर दिन करीब 20 लाख वाहन दौड़ लगाते हैं और हैरान करने देने वाली बात ये है कि इनमें से आधे से ज्यादा वाहन मालिकों के पास प्रदूषण जांच का प्रमाणपत्र ही नहीं है। बता दें कि देहरादून में महज 19 जांच केंद्र हैं। ऐसे नए मोटर व्हीकल एक्ट के कारण प्रदूषण जांच को लेकर मारामारी मची हुई है।

एआरटीओ प्रशासन अरविंद कुमार पांडे का बयान

एआरटीओ प्रशासन अरविंद कुमार पांडे का कहना है कि प्रदूषण जांच और बीमा आदि से संबंधित चालान को लेकर भयभीत होने की अभी कोई जरूरत नहीं है। विभाग द्वारा इस महीने इन दस्तावेजों की जांच को लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। पुलिस को भी फिलहाल इन दस्तावेजों की जांच न करने को कहा गया है। एआरटीओ ने बताया कि अगर किन्हीं कारणों से आपका चालान हो जाता है, तब भी ना घबराएं। एमवी एक्ट के तहत वाहन के कागजात निर्धारित अवधि में प्रस्तुत कर चालान बगैर जुर्माने के सिर्फ 100 रुपये आर्थिक दंड भुगत कर छुड़ाया जा सकता है।

परिवहन मंत्री ने इसको देखते हुए कहा है कि जब तक प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कतें दूर नहीं हो जाती और आम जनता को प्रदूषण जांच केंद्र सुलभ नहीं हो जाते, तब तक इसके उल्लंघन और चालान पर सख्ती नहीं की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि विभाग की ओर से प्रवर्तन टीमों को सिर्फ परिवहन व यातायात नियम तोड़ने वालों पर फोकस करने को कहा है। इनमें बिना हेलमेट, बिना सीट-बेल्ट लगाए वाहन चलाने, फिटनेस के बिना वाहन चलाने, ओवरस्पीड और शराबी वाहन चालकों को किसी तरह की रियायत न देने को कहा गया है।

https://youtu.be/qCtFbJfjoAs

Back to top button