नीरज चोपड़ा ने देश के लिए जीता पहला गोल्ड मेडल, 19 साल की उम्र में बने थे आर्मी अफसर

टोक्यो ओलंपिक से देश के लिए बड़ी खबर है। बता दें कि आर्मी अफसर नीरज चोपड़ा ने देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है जो की देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने सेना में जाकर गांव परिवार का मान तो बढ़ाया ही है साथ ही टोक्यों ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया है।

देश के लिए गोल्ड मेडल लाने वाले नीरज चोपड़ा पहले खिलाड़ी

आपको बता दें कि ओलंपिक का आज 16वां दिन है. 16 वें दिन नीरज ने देश के लिए गोल्ड मेडल जीता और मान बढ़ाया। वहीं इससे पहले रेसलर बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक का मैच जीत लिया. बता दें कि भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने वाले नीरज चोपड़ा अब तक के पहले खिलाड़ी हैं। नीरज चोपड़ा का तीसरा प्रयास में थ्रो ज्यादा दूर नहीं गया. वह 76.79 मीटर दूर ही भाला फेंक पाए. नीरज का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.58 मीटर रहा. वह पहले स्थान पर थे और उन्हें कोई पछाड़ नहीं पाया. नीरज वल्ड चैंपियन बन गए हैं।

हरियाणा के छोटे से गांव से है नीरज, पिता हैं किसान

हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव में एक छोटे से किसान के घर पर 24 दिसंबर 1997 को नीरज का जन्म हुआ था. नीरज ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से की. नीरज ने 2016 में पोलैंड में हुए IAAF वर्ल्ड U-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था, जिसके बाद उन्हें आर्मी में जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति मिली थी. आर्मी से जॉब मिलने के बाद नीरज ने एक इंटरव्यू में कहा था, “मेरे पिता एक किसान हैं और मां हाउसवाइफ हैं और मैं एक ज्वॉइंट फैमिली में रहता हूं. “मेरे पिता एक किसान हैं और मां हाउसवाइफ हैं और मैं एक ज्वॉइंट फैमिली में रहता हूं. मेरे परिवार में किसी की सरकारी नौकरी नहीं है. इसलिए सब मेरे लिए खुश… हैं.” उन्होंने आगे कहा था, “अब मैं अपनी ट्रेनिंग जारी रखने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकता हूं.”

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