मनमोहन सिंह की तरह चुप बैठे रहे नरेंद्र मोदी, और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म भी हो गई…

नई दिल्ली। जिस चुप्पी के लिए कभी नरेंद्र मोदी अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोसा करते थे वही चुप्पी अब खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने ओढ़ ली है। 2019 के आम चुनावों के लिए प्रचार के अंतिम दिन जब दिल्ली में बीजेपी दफ्तर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का संदेश पत्रकारों तक पहुंचा तो पत्रकारों ने सोचा कि पांच साल बाद ही सही लेकिन अब तो खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी से कुछ सवाल पूछे जा सकेंगे और उनके जवाब नरेंद्र मोदी से लिए जा सकेंगे। टीवी चैनलों पर भी बड़ी बड़ी ब्रेकिंग न्यूज चलनी शुरु हुई कि ‘पांच साल में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी’। जनता भी टकटकी लगाकर बैठ गई कि चलो आज तो कुछ मसालेदार मिलेगा ही। लेकिन वहां मौजूद हर पत्रकार के दिल के अरमान धरे के धरे रह गए जब नरेंद्र मोदी ने किसी भी सवाल का जवाब देने से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में ये तय करना मुश्किल हो गया कि कहीं अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बीच में नरेंद्र मोदी को तो नहीं बैठा दिया गया।

पांच साल में पहली बार सामना और ये चुप्पी, उफ्फ

जी, पहली बार…पिछले 1825 यानी 365 दिन वाले पांच सालों में पहली बार नरेंद्र मोदी किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सामने आए लेकिन एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया। ऐसा नहीं है कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस छोटी रही या नरेंद्र मोदी को बोलने का मौका नहीं था। तकरीबन एक घंटे चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र मोदी ने सिर्फ लगभग 12 मिनट ही बोला और वो भी सिर्फ अपनी बात रखी। नरेंद्र मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने के 22 मिनट 42 सेकेंड पर बोलना शुरु किया और कॉन्फ्रेंस के 34 वें मिनट और 51 वें सेकेंड में चुप हो गए। (एकाध सेकेंड का आगे पीछे हो सकता है उतना आप अपने हिसाब में रख लीजिएगा) इसके बाद पत्रकार नरेंद्र मोदी से सवाल करते रहे और उनके जवाब अमित शाह देते रहे। कुछ पत्रकारों ने पीएम मोदी से कुछ जबरन जवाब जानना भी चाहा तो नरेंद्र मोदी ने अमित शाह की ओर सवालों को धकेल दिया। ऐसे में जो सवाल देश के प्रधानमंत्री को सुनने चाहिए थे उनके जवाब भी अमित शाह ही देते रहे।

उसी दौरान राहुल गांधी भी लाइव हुए

सेम टाइम, सेम जगह नहीं…जी, राहुल गांधी और अमित शाह एंड नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग एक ही समय में शुरु हुई। टीवी चैनलों पर दो खिड़कियां बना कर एक तरफ अमित शाह, नरेंद्र मोदी और दूसरी तरफ राहुल गांधी को दिखाया गया। लेकिन एक बेसिक डिफरेंस था। राहुल गांधी पत्रकारों के सवालों के खुल कर जवाब दे रहे थे तो बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोग जिससे जवाब सुनना चाहते थे वो चुप बैठा था। सवालों के जवाब देने को तैयार नहीं था। हालांकि शायद राहुल गांधी को भी उम्मीद थी कि बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नरेंद्र मोदी पत्रकारों के सवालों के जवाब देंगे और संभवत: इसी लिए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में ही कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है कि अमित शाह और नरेंद्र मोदी एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहें हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस ने ट्वीट किया है -<

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