नानकमत्ता हत्याकांड का खुलासा, दोस्त ही निकला हत्यारा, इसलिए उतारा 4 लोगों को मौत के घाट

बीते 29 दिसंबर को नानकमत्ता नगर पंचायत के सर्राफा व्यवसाई सहित चार लोगों की निर्मम हत्या का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। प्रकरण में एक अभियुक्त फरार चल रहा है। बता दें कि बीते 29 दिसंबर को देवहा नदी के किनारे से पुलिस ने खून से लथपथ 02 शव बरामद किए थे। पुलिस के अनुसार दोनों के गले धारदार हथियार से रेत कर व घोप कर हत्या कर दी गयी थी। दोनो शवों की पहचान क्रमश अंकित रस्तोगी उर्फ अजय पुत्र शिवशंकर रस्तोगी निवासी नानकमत्ता 28 वर्ष व शाही जिला बरेली निवासी उदित रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी निवासी कस्बा शाही जिला बरेली 21 वर्ष के रूप में की गई थी।

मृतक अंकित की नानकमत्ता में सुनार की दुकान

आपको बता दें कि मृतक अंकित की नानकमत्ता में सुनार की दुकान है। वहीं मृतक अंकित के घर पंहुची नानकमत्ता पुलिस ने घर के अन्दर अंकित रस्तोगी की माता आशा देवी पत्नी शिवशंकर रस्तोगी उम्र 55 वर्ष और नानी सन्नो देवी पत्नी हजारा सिंह निवासी शाही जिला बरेली, उम्र 75 वर्ष के शव बरामद किए। जिनकी हत्या भी धारदार हथियार से गला रेत कर की गई थी। इस हत्याकांड से नानकमत्ता क्षेत्र में भय व असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया था।

तीन गिरफ्तार एक फरार, माल बरामद

वहीं मामले में पुलिस ने भाई आदेश कुमार की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर जांच आरंभ कर दी। पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए मृतक के करीबी दोस्त रानू रस्तोगी,विवेक वर्मा व मुकेश वर्मा उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त आला नकब और बैगनार कार लूटे गये 35,000 रुपये बरामद कर मामले का खुलासा किया। हत्या कांड प्रकरण में एक अन्य अभियुक्त सचिन सक्सेना पुत्र राजकुमार सक्सेना नि० सिंह कालोनी खटीमा फरार चल रहा है।

दोस्त ही निकला हत्यारा

वहीं एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि नानकमत्ता में मृतक अंकित रस्तोगी कबाड़ के दुकान चलाने का काम करता था. करीब एक माह पूर्व मृतक अंकित रस्तोगी ने सुनार की दुकान 30-40 लाख रुपये सोना चांदी की लागत लगाकर खोली थी। अभियुक्त रानू रस्तोगी पुत्र अनिल रस्तोगी मृतक अंकित रस्तोगी का मित्र था जो कि लगातार मृतक के सम्पर्क में रहता था और घर में आना जाना व घर की स्थिति से बाखूबी वाकिफ था। रानू रस्तोगी की मुलाकात दूसरे अभियुक्त सचिन सक्सेना से हुई, जो कि शातिर किस्म का गैंगस्टर अपराधी है. इनके द्वारा अपने दो अन्य साथियों विवेक वर्मा, मुकेश वर्मा के साथ मिलकर आपराधिक षड्यन्त्र रचकर दिनांक 28 दिसंबर को लूट/डकैती करने के उद्देश्य से मृतक अंकित रस्तोगी और उदित रस्तोगी को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाकर देवाह नदी के किनारे ग्राम सिद्धानवदिया ले जाकर डंडे और रोड से वार करते हुए घायल कर दिया. सर्जिकल ब्लेड से अंकित और उदित रस्तोगी के गले रेतकर निर्मम हत्या करी गई थी. साथ ही बताया अभियुक्तगण आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

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