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Ghost village: पौड़ी के पातली गांव पहुंचे सांसद अनिल बलूनी, पलायन पर जताई गहरी चिंता

गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी बीते शुक्रवार को पौड़ी के कोट ब्लॉक स्थित पातली गांव पहुंचे। पातली गांव आज पहाड़ के उन निर्जन गांवों में शामिल है, जिन्हें घोस्ट विलेज कहा जाता है। पलायन पर सांसद अनिल बलूनी ने गहरी चिंता जताई है।

पातली गांव पहुंचे सांसद अनिल बलूनी

पहाड़ में लगातार बढ़ रहे पलायन और गांवों के खाली होने की गंभीर समस्या को लेकर जन जागरण और प्रवासी ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से सांसद ने यह दौरा किया। गांव से पलायन कर चुके ग्रामीण देहरादून और अन्य महानगरों से अपने गांव पहुंचे थे। साथ ही आसपास के कई गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पातली पहुंचे। सांसद अनिल बलूनी ने प्रवासी ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि पहाड़ के गांवों का इस तरह सुनसान होना बेहद खतरनाक संकेत है। अपने ही गांव को आंखों के सामने घोस्ट विलेज बनते देखना गहरी पीड़ा देने वाला अनुभव है।

ग्रामीणों ने जताई अपने गांवों को दोबारा आबाद करने की इच्छा

ग्रामीणों ने अपने गांवों को दोबारा आबाद करने की इच्छा जताई और पलायन की मजबूरी पर खुलकर बात रखी। सांसद ने प्रवासी ग्रामीणों से अपील कर कहा कि हम सभी को कम से कम एक लोकपर्व, परिवार के किसी एक सदस्य का जन्मदिन और अपनी एक संतान का विवाह कार्यक्रम अपने गांव में जरूर करना चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ी स्वाभाविक रूप से अपने गांव, अपनी संस्कृति, विरासत और पुरखों से जुड़ेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयासों से ही घोस्ट विलेज फिर से गुलजार हो सकते हैं।

पहाड़ में घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर सांसद ने जताई चिंता

सांसद ने पहाड़ में घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ के गांवों को बचाना सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और राजनीतिक भविष्य के लिए भी बेहद जरूरी है। उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है और चीन से सटा हुआ है, ऐसे में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के ग्रामीण हमारे फुट सोल्जर की तरह होते हैं।उन्होंने बताया कि पौड़ी में पहले आठ विधानसभा क्षेत्र थे, जो अब घटकर छह रह गए हैं और भविष्य में इनकी संख्या और कम हो सकती है। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि अगर हमें पहाड़ की आवाज मजबूत रखनी है, तो सबसे पहले पहाड़ को आबाद रखना होगा।

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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