टीबी उन्मूलन में मेडिकल कॉलेजों की भूमिका अहम

tb seminarराज्य से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों की भूमिका एवं परस्पर समन्वय हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) सभागार में आयोजित की गई।

इस मौके पर अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर की अध्यक्षता में आहूत की गई बैठक में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेजों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त करने हेतु विचार साझा किए गये।

अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर द्वारा टीबी मुक्ति हेतु मेडिकल कॉलेजों की भूमिका पर जोर दिया गया। उन्होंने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों, एम.बी.बी.एस. एवं एम.डी. छात्र-छात्राओं को जागरुक कर नि:क्षय मित्र योजना में प्रतिभाग हेतु अपने विचार साझा किए।

उन्होंने मेडिकल कॉलेजों से आए प्रतिनिधियों से विचार साझा करते हुए कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राएं भावी पीढ़ी है जो कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एक सामाजिक ज़िम्मेदारी के रुप में नि:क्षय मित्र बन टीबी रोगियों को पोषण आहार के साथ ही अपना भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जरुरतमंद की सहायता कर सकते हैं।

बैठक में एन.एच.एम. निदेशक डॉ. सरोज नैथानी द्वारा टीबी रोग उन्मूलन हेतु मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा क्षय रोग के क्षेत्र में विभिन्न शोध कार्यों को बढ़ावा देने हेतु एन.एच.एम. उत्तराखंड से सभी संभव सहयोग दिए जाने का आश्वासन दिया गया। उनके द्वारा रोगियों की इंडोर स्क्रीनिंग व जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समीक्षा करने पर जोर दिया गया।

बैठक में राष्ट्रीय टीबी टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. अशोक भारद्वाज द्वारा बताया गया कि राज्य टास्क फोर्स प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में जांच, औषधि, आदि सुविधा की उपलब्धता की मॉनिटरिंग की जाती है तथा जोनल टास्क फोर्स व राष्ट्रीय टास्क फोर्स नीतिगत सुझाव देने का कार्य करता है।

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