फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा धांधली का एक और मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 2 बार UPSC की परीक्षा कर चुका है पास

देहरादून : विज्ञप्ति निकलने के करीब ढाई साल बाद फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित हुई तो फिर विवादों में आ गई जिसको लेकर राज्य में य़ुवाओं का हल्ला बोल जारी है। वहीं वन आरक्षी भर्ती परीक्षा धाधंली में आरोपियों की गिरफ्तारी बढ़ती जा रही है। अब तक धांधली करने वाले कई बड़े-बड़े अधिकारी यानी की मास्टरमाइंडों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और ये सिलसिला जारी है। वहीं पौड़ी में बनाए गए केंद्र पर नकल कराने वाले को भी पुलिस ने रुड़की से गिरफ्तार कर लिया है जो कि 5 लाख रुपये में लेकर नकल करवा रहा था। आपको हैरानी होगी कि ये मास्टरमाइंड राज्य लोक सेवा आयोग हरिद्वार का समीक्षा अधिकारी है जिसका नाम कुलदीप राठी निकला।

1218 पदों के लिए हो रही थी परीक्षा

जानकारी मिली है कि कुलदीप राठी के हरिद्वार जिले में चार कोचिंग सेंटर हैं जिसे पौड़ी पुलिस रुड़की से गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।बता दें कि 16 फरवरी को 1218 पदों के लिए उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में 376 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

दो मास्टरमाइंडों को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

बता दें कि इससे पहले पुलिस परीक्षा में धांधली करने वाले दो मास्टरमाइंडों भी गिरफ्तार कर चुकी है जिसमे एक सहायक कृषि अधिकारी सुधीर कुमार है जो की कोटद्वार में तैनात था औऱ पुलिस ने उसे कोटद्वार से गिरफ्तार किया है तो वहीं दूसरा रुड़की में एक कोचिंग सेंटर संचालक मुकेश सैनी शामिल है। अधिकारियों की गिरफ्तारी से मामला और गहरा गया है कि आखिर न जाने कितने ऐसे और अधिकारी हैं जो कि परीक्षा धांधली में शामिल है। ये पुलिस के लिए मुश्किल भरा है।

पहले पकड़े गए आरोपी सुधीर की पूछताछ से हुआ खुलासा

पौड़ी एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि राठी की गिरफ्तारी पहले पकड़े गए सहायक कृषि अधिकारी सुधीर कुमार से पूछताछ के आधार पर की गई है। उसने खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि सुधीर ने नकल मामले का मुख्य कर्ताधर्ता राठी को बताया। उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को वन आरक्षी भर्ती परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद से परीक्षा खत्म होने तक कुलदीप और सुधीर लगातार फोन पर संपर्क में थे। परीक्षा के दिन कुलदीप मेरठ में था।

हरिद्वार जिले में है चार कोचिंग सेंटर

एसएसपी ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपी कुलदीप हरिद्वार जिले के नारसन कला का निवासी है और उसकी तैनाती राज्य लोक सेवा आयोग हरिद्वार में है। साल 2019 में उसे आयोग में तैनाती मिली थी जो की दिसंबर से छुट्टी पर था। कुलदीप ज्ञान आइएएस एकेडमी के नाम से हरिद्वार जिले में चार कोचिंग सेंटर संचालित करता है जिसमे तीन सेंटर रुड़की में हैं।

खुद दो बार कर चुका है यूपीएससी की परीक्षा पास, पहले भी जा चुका है जेल

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि पूछताछ में कुलदीप राठी ने बताया कि वह दो बार यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास कर चुका है। इसलिए उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी जानकारी है। बताया कि कुलदीप साल 2013 में एसएससी की परीक्षा में नकल करवाने के आरोप में जेल जा चुका है। तो वहीं साल 2014 में उसके खिलाफ इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। बाद में सुबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था।

बड़ा सवाल ये है कि ना जाने कितने कोचिंग सेंटरों में ऐसे मास्टरमाइंड बैठे हैं जो कि बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। राज्य में न जाने कितने कोचिंग सेंटरों में ऐसे मास्टरामाइंड बैठे हैं जो कि परीक्षाओं में धांधली करा कर औरों के भविष्य से खिलवाड कर रहे हैं औऱ इनके साथ कौन-कौन शामिल है इसका पता लगाना पुलिस के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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