मनोहर पर्रीकर की बदौलत ही मिलती है पहाड़ी युवाओं को सेना भर्ती में लंबाई में छूट

देहरादून : लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए देश के लिए बुरी खबर आई…गोवा के सीएम मनोहर पर्रीकर लंबे समय से कैंसर की बिमारी से जूझ रहे  थे जिसके चलते रविवार को उनका निधन हो गया. वहीं केंद्र सरकार ने आज राष्ट्रीय शोक घोषित किया है जिसके चलते आज राष्ट्र ध्वज झुका रहेगा.

गोवी के सीएम सादगी भरे और साधारण जीवन जीने वाले व्यक्ति थे…उन्होंने कभी भी एक सीएम के तौर पर ठाठ बाट की जिंदगी को अपने पर हावी नहीं होने दिया. कहा जाता है कि अपने फोन का बिल तक वो अपनीजेब से भरते थे और ठेले पर चाय पीते समय बिना सुरक्षा गार्ड के कहीं भी चाय पी लेते थे. औऱ तो औऱ बेटे की शादी के दिन लोग उनको देखकर हैरान हो गए थे क्योंकि बेटे की शादी के दिन वो हाफ शर्ट, पेंट औऱ चप्पल में घूम रहे थे.

मनोहर पर्रीकर का उत्तराखंड से खास लगाव

वहीं उत्तराखंड से भी उनका खासा रिश्ता रहा है. उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने उनके साथ बीते कुछ पलों को सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि पूर्व रक्षा मंत्री भारत सरकार और गोवा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर पर्रिकर जी के निधन का समाचार सुनकर स्तब्ध हूं। आज मां भारती ने अपना एक सच्चा सपूत खो दिया है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे,भारत माँ के इस महान सपूत को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।ॐ उनकी विनम्रता, सरलता और ईमानदारी सदा हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

युवाओं को भर्ती में लंबाई में छूट-धन सिंह रावत

आगे धन सिंह रावत ने लिखा कि जब पर्रिकर जी वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली जी की मूर्ति का अनावरण करने पीठसैन आये थे, उसी वक़्त मैंने उन से पहाड़ के युवाओं को भर्ती में लंबाई में छूट की मांग की थी, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लागू किया था, इस सहरानीय कार्य के लिये पहाड़ का युवा हमेशा मनोहर पर्रिकर जी का आभारी रहेगा।।

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