Big NewsUttarkashi

उत्तरकाशी में धूमधाम से मनाई गई मंगसीर बग्वाल, तिब्बत विजय का है उत्सव

उत्तरकाशी और टिहरी में दिपावली के एक महीने बाद ऐतिहासिक मंगसीर दिवाली बनाई जाती है। उत्तरकाशी में सोमवार को धूमधाम से मंगसीर दिवाली मनाई गई।

उत्तरकाशी में धूमधाम से मनाई गई मंगसीर बग्वाल

दीवाली के एक महीने बाद त्तरकाशी और टिहरी की पारम्परिक और ऐतिहासिक दीपावली मनाई जाती है। जिसे मंगसीर बग्वाल के नाम से जाना जाता है। सोमवार को उत्तराकाशी में मंगसीर बग्वाल के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

क्यों मनाई जाती है मंगसीर बग्वाल

मंगसीर की बग्वाल गढ़वाल के वीर सेनापति माधो सिंह भंडारी के युद्ध जीतकर घर आने की खुशी में मनाी जाती है। साल 1627-28 के बीच गढ़वाल नरेश महिपत शाह का शासन था। उनके शासनकाल के दौरान गढ़वाल में आकर तिब्बती लुटेरे लूटपाट करते थे।

इस पर राजा ने अपने सेनापति को उनसे युद्ध के लिए भेजा। जिसमें माधों सिंह भंडारी की सेना ने तिब्बतियों के छक्के उड़ा दिए। इस एतिहासिक जीत और माधो सिंह भंडारी के घर लौटने की खुशी में राजा के द्वारा मंगसीर बग्वाल मनाई गई। तब से और आज तक ये बग्वाल मनाई जाती है।

गढ़ भोज का भी किया जाता है आयोजन

मंगसीर की बग्वाल से एक दिन पहले गढ़ भोज का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही गढ़ संग्रहलय, पराम्परिक वेश भूशा, गढवाल के पारम्परिक खेल, परम्परिक गीत पर लोग झूमते हैं। इसके साथ ही कविताओं का पाठ और भैलू नृत्य भी किया जाता है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button