AlmoraBig News

एंबुलेंस न मिलने पर शख्स ने अपनी 16 साल की बेटी की गोद में तोड़ा दम, लचर व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश

अल्मोड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। चौखुटिया क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर 12 दिनों से आंदोलन जारी है, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। इसी बीच इलाज के अभाव में एक और मरीज ने दम तोड़ दिया।

62 साल के शख्स ने अपनी बेटी की गोद में तोड़ा दम

मासी बाजार (62 ) निवासी पूरन राम रविवार देर रात अचानक बीमार हो गए। परिवार वालों ने रात करीब 12:30 बजे एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन बताया गया कि चौखुटिया की एंबुलेंस रानीखेत गई हुई है। स्याल्दे से एंबुलेंस भेजे जाने की बात कही गई, मगर जब तक वाहन मासी पहुंचा, तब तक पूरन राम ने अपनी 16 साल की बेटी दीक्षा की गोद में ही दम तोड़ दिया।

पूर्व में भी कई लोगों की हो चुकी है मौत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते दिनों भी इलाज न मिलने के कारण एक युवक की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक ठोस कदम नहीं उठा पाया है। मामले पर एंबुलेंस प्रभारी मनोज सामंत ने बताया कि उस वक्त चौखुटिया की एंबुलेंस रानीखेत गई थी, इसलिए स्याल्दे से एंबुलेंस भेजी गई।

चौखुटिया में जारी है बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आंदोलन

चौखुटिया क्षेत्र के लोगों में स्वास्थ्य सेवाओं की इस लचर व्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। आंदोलनकारी अब जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और चौखुटिया में स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने की मांग कर रहे हैं। बता दें क्षेता में पिछले 12 दिनों से बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आंदोलन चल रहा है।

ये भी पढ़ें: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ पांचवें दिन भी आंदोलन जारी, आमरण अनशन ने पकड़ा जोर

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
Back to top button