तो क्या मदन कौशिक के घमंड ने डुबोई रुड़की में BJP की लुटिया?

देहरादून। रुड़की नगर निगम के चुनावों के परिणाम आ चुके हैं और बीजेपी के लिए ये परिणाम आंखें खोलने वालें हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद बीजेपी यहां अपने मेयर पद के प्रत्याशी को जीत नहीं दिलवा पाई। हालात इतने खऱाब हुए कि बीजेपी का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर पहुंच गया। वहीं सभासद पदों पर भी बीजेपी के लिए परिणाम उत्साहवर्धक नहीं रहे।

रुड़की नगर निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद सबसे अधिक चर्चा इलाके में अच्छी राजनीतिक पकड़ होने का दावा करने वाले और मौजूदा त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की है। माना जा रहा है इन चुनावों में हार की बड़ी वजह मदन कौशिक की भूमिका रही। मदन कौशिक शुरुआत से अतिआत्मविश्वास के शिकार थे। इलाके के राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी उन्होंने होमवर्क नहीं किया। यहां तक कि संगठन के साथ भी संवाद हीनता रखी गई। टिकट बंटवारे में भी मदन कौशिक चूक गए। मयंक गुप्ता को टिकट मिलने और गौरव गोयल के बागी होने के बाद भी मदन कौशिक डैमेज कंट्रोल की रणनीति नहीं बना पाए।

बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ता बताते हैं कि मदन कौशिक इस बात को लेकर शुरू से ही आश्वस्त हो गए थे कि उनके रहते यहां जीत तय है। और यही वजह है बीजेपी के मात खाने की। मदन कौशिक का कैबिनेट मंत्री का रुतबा दिखाना भी मतदाताओं को पसंद नहीं आया।

बीजेपी के कार्यकर्ता हैरान हैं कि हरिद्वार में मिली पटखनी के बावजूद संगठन संभला नहीं। हरिद्वार में भी कांग्रेस ने मेयर पद पर कब्जा जमाया औऱ वहां भी पार्टी मदन कौशिक के ही सहारे थी। रुड़की में फिर वही कहानी दुहरा दी गई।

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