पिता को खोया लेकिन हौंसला नहीं, घोड़ाखाल के सक्षम राणा बने अफसर

पौड़ी गढ़वाल : माता-पिता शिक्षक तो जाहिर सी बात है हर कोई यहीं सोचता होगा कि माता-पिता बच्चों को भी जरुर शिक्षक बनाएंगे लेकिन घोड़ाखाल के सक्षण राणा इससे उलट हैं. जी हां उन्होंने बहुत पहले पिता को खोया लेकिन हौसला नहीं खोया। मां के साथ ढाल बनकर खड़े रहे। मां ने ही परवरिश की। सक्षम की दो बहनें हैं दोनों की शादी हो गई। एक मां ही हैं जो सक्षम को अपनी मेहनत के दम पर यहां तक लाईं औऱ आज बेटे ने पिता के साथ मां, पूरे परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

बता दें कि रजत पदक विजेता सक्षम राणा उत्तराखंड के घोड़ाखाल के रहने वाले है। उनकी माता चंद्रा राणा शिक्षिका हैं। पिता कुंदन सिंह राणा भी शिक्षक थे। जब सक्षम 11वीं में पढ़ते थे इस दौरान उनके पिता की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इसके बाद उनकी मां ने उनकी परवरिश की। इनकी दो बड़ी बहने हैं। दोनों की शादी हो चुकी है।

इस उपलब्धि पर सक्षम का कहना है कि स्कूलिंग करने के बाद 2016 में एनडीए ज्वाइन किया। एनडीए से 2019 में पासआउट हुए और इसके बाद आइएमए आए। उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वह मेहनत करें। समय कभी एक जैसा नहीं रहता। कभी अच्छा समय आता है तो कभी बुरा। ऐसे में घबराना नहीं चाहिए।

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