
देहरादून: फिक्की फ्लो के उत्तराखंड चैप्टर ने उत्तराखंड में श्रमिक कानून पर वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार के मुख्य अतिथि श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत रहे। फिक्की फ्लो के उत्तराखंड चैप्टर ने कोरोना वायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन में बंद पड़े उद्योगों और फैक्ट्रियों में अनलॉक होने के बाद बले गए श्रमिक कानूनों पर चर्चा की। उद्योगों के खुलने के बाद राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत श्रमिकों के काम करने का समय बढ़या गया है, ताकि वे अधिक काम कर सकें, महिलाएं रात की शिफ्ट में सुरक्षित तरीके से काम कर सकें, साथ ही कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना जरूरी किया जाये।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक कोई भी उद्योग फायदे में नहीं जायेगा। तब तक वह अपने श्रमिकों को अधिक वेतन और बोनस नहीं दे सकता। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कई कदम श्रमिक कानून में उठाये गए हैं। देश के 40 प्रतिशत आयुर्वेदिक सौंदर्य प्रसाधन उत्तराखंड राज्य में उत्पादित होते हैं और इन सभी फैक्ट्रियों में राज्य के ही ज्यादतर लोग कार्य करते हैं। नए कानूनों में इस बात का ध्यान रखा गया है कि यहां की फैक्ट्रियों को काम करने वाले श्रमिकों को ज्यादा लाभ मिल सके।

उत्तराखंड चैप्टर फिक्की फ्लो की अध्यक्ष किरण भट्ट टोडरिआ ने कहा फिक्की फ्लो उद्योगों की आवाज है। इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की महिला उद्यमियों को नए श्रमिक कानून के बारे में जानकारी जुटाना और उन्हें प्रेरित करना था। यह बताने का प्रयास किया गया कि किस तरह उद्योगों को सफलता पूर्वक चला सकती हैं। इसलिए सरकार के साथ उनकी परिचर्चा इस कार्यक्रम के माध्यम से करवाई गयी, जिसमें उत्तराखंड की महिला उद्यमियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने उनको पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। मेरा मानना है की कोई भी समाज तब तक प्रगति नहीं कर सकता जब तक की महिलाओं का सशक्तिकरण न किया जाय और आज इस वेबिनार के माध्यम से उत्तराखंड की महिला उद्यमियों को बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने उचित सुरक्षा उपायों के साथ उद्योगों को 24 घंटे काम करने की नियमावली बनाई है। यह फैसला इसलिए लिया गया, जिससे औद्योगिक उत्पादन बाधित न हो और श्रमिक और उद्योगों को फायदा हो। हमने नयी नियमावली मंे सुनिश्चित किया है कि मजदूरों को समय के साथ भुगतान किया जाये और उनको ओवर टाइम का भी वेतन मिल सके।
संयुक्त श्रम आयुक्त अनिल पेटवाल ने बताया की श्रमिक कानून में संशोधन लॉकडाउन के पूर्व से ही होने लगे थे। लॉकडाउन खुलने के बाद इसमें और भी परिवर्तन किये गए हैं। जिसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि श्रमिकों और उद्योगों के मालिकों का किसी भी प्रकार से नुकसान न हो। नई नियमावली दोनांे के ही हित में है। वेबीनार में सोनिया गर्ग, निदेशक, फोरेस ग्रुप ऑफ कम्पनी, प्रियम्वदा अय्यर, निदेशक, प्रीमियर न्यूट्रेसुटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड इस कार्यक्रम की पैनलिस्ट और डॉ. नेहा शर्मा, उपाध्यक्षा, फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर डे चेयर रहीं। कोमल बत्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्षा फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर, तृप्ति बहल, संयुक्त सचिव फिक्की फ्लो उत्तराखंड,रूचि जैन, कोषाध्यक्षा, फिक्की फ्लो उत्तराखंड, चारु चैहान संयुक्त कोषाध्यक्ष फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर और अन्य ने वेबिनार में भाग लिया।