चर्चाओं में कुमाऊं यूनिवर्सिटी के VC का लेटर, उत्तराखंड की पहचान को समाप्त करने का आरोप  

देहरादून: इन दिनों कुमाऊं विश्व विद्यालय का एक लेटर काफी चर्चाओं में है। उनका ये पत्र अब विवादों में भी घिरने लगा है। उन पर उत्तराखंड की पहचान को मिटाने का षड्यंत्र करने का भी आरोप लग रहे हैं। यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि किसी विश्व विद्याल का इस तरह का पत्र सवाल तो खड़े करता ही है।

उन्होंने कहा कि वीसी ने पीएम मोदी को जो पत्र लिखा है। उसमें उत्तराखंड की सीमा से लगे यूपी के गांवों को उत्तराखं डमें मिलाने की वकालत की हैं। उनका आरोप है कि यूपी के माफिया उत्तराखंड के नेताओं और भाजपा समर्थित लोगों से लाॅबिंग कर यूपी के कुछ गांवों को उत्तराखंड में मिलने के बहाने उत्तराखंड के संसाधानों को लूटना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि इस चाल को समझने की जरूरत है। उत्तराखंड को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मिलाने की कोशिश इसी षडयंत्र का हिस्सा है। भाजपा अपने षडयंत्रों से उत्तराखंड को बर्बाद करना चाहती हैं। छद्म राजनीति के बहाने ये पहाड़ की पहचान और सवालों कों भाजपा लंबे समय के लिए हाशिये पर डाल देना चाहती है।

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