उत्तराखंड को लगातार दूसरे साल कृषि कर्मण पुरस्कार, मीनाक्षी तुम्हारे जज्बे को सलाम

देहरादून: कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जिनको जो भी काम सौंपो, वो हर काम को पूरी मेहनत और लगन से कर दिखाते हैं। उनके मन में कुछ अलग और खास करने की ललक होती है। कुछ ऐसा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले और लंबे समय तक मिलता रहे। कुछ ऐसी ही सोच आईएएस आर. मीनाक्षी सुंदरम भी करते हैं। उनको आज तक जिस भी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने हर विभाग को नई पहचान दिलाई और नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

कृषि कर्मण पुरस्कार

आर. मीनाक्षी सुंदरम के कार्यकाल में कुछ ऐसे निर्णय लिए गए, जिनसे राज्य को अलग पहचान मिली है। सबसे पहले बात कृषि क्षेत्र में किए उनके कामों की चर्चा करते हैं। उनके कार्यकाल में लगातार दूसरी बार उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण पुरस्कार मिला। यह केवल पुरस्कार नहीं है। बल्कि इससे देशभर में राज्य की पहचान कृषि क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में हुई है। पहचान के साथ ही राज्य को बड़ी पुरस्कार राशि भी मिली। इतना ही नहीं आर मीनाक्षी सुंदरम के कार्यकाल में कृषि योजनाओं को बेहतर क्रिान्वयन हो रहा है। जिससे उत्तराखंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

वर्चुअल क्लास की सौगात

उत्तराखंड में प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शिक्षकों की कमी बड़ा मसला रहा है। तमाम प्रयासों के बावजूद प्रदेश में शिक्षकों की कमी दूर नहीं की जा सकी। उसका आज तक कोई विकल्प भी नहीं निकाला जा सका था, लेकिन मीनाक्षी सुंदरम ने कार्यकाल संभालते ही शिक्षा को लेकर एक क्रांतिकारी निर्णय लिया, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।

बच्चों को मिल रही अच्छी शिक्षा

उन्होंने उत्तराखंड में वर्चुअल क्लास शुरू की। जिसको शुरू होने के बाद से ही जबरदस्त सफलता मिल रही है। उन छात्रों को पढ़ने का मौका मिल रहा है, जिनको स्कूल में शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई में दिक्कत हो रही थी। कई ऐसे स्कूल थे, जहां गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षक नहीं थी। वर्चुअल क्लास के जरिये देहरादून से ही उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी

मीनाक्षी संदरम यहीं नहीं रुके। उन्होंने वर्चुअल क्लास शुरू की। इसके बाद उन्होंने इसी क्लास के जरिये प्रदेश के उन बच्चों को भी मौका दिया, जो महंगी फीस के कारण इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए मुफ्त इंजीनियरिंग और मेडिकल की सुविधा भी उपलब्ध कराई।

मेरीनो भेड़ पालन

मीनाक्षी सुंदरम के पास पशुपालन विभाग भी है। इस विभाग में भी उन्होंने पशुपालकों के लिए कई बेहतरीन काम धरातल पर उतारे। विभाग ने पशुओं के लिए पहली बार मोबाइल मेडिकल वैन शुरू की, जिससे पशुओं को घायल होने या बीमार होने की स्थिति में मौक पर ही उपचार मिल सके। हाल ही में आस्ट्रेलियन मेरीनो भेड़ को उत्तराखंड लाया गया। इन भेड़ों के जरिये उत्तराखंड के भेड़ पालन को व्यवसाय से जोड़ना है, जिससे भेड़ पालकों को अच्छी आमदनी हो सके। इन भेड़ों को भेड़ा पालकों को दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश में भेड़ों की नई नस्ल भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा कई योजनाओं को भी धरातल पर उतारा है।

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