उत्तराखंड में 5 अक्टूबर तक बढ़ा कोविड कर्फ्यू, ये हैं शर्तें

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना का कहर खत्म होने की कगार पर है। बीते दिन सिर्फ 6 मामले आए। वहीं बता दें कि उत्तराखंड सरकार ने कोविड-19 कर्फ्यू को 21 सितंबर से 5 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए एक बड़ी राहत दी गई है जिसके तहत अब विभाग एवं धार्मिक समारोह में आयोजन स्थल की कुल क्षमता के 50% तक लोग उपस्थित हो सकेंगे। बशर्ते उन्हें कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करते हुए कोरोना नेगेटिव की रिपोर्ट भी पेश करनी होगी शेष शर्तें पूर्व की भांति ही रखी गई हैं।

बता दें कि उत्तराखंड में चारधाम शुरु हो गई है। इसके लिए एसओपी जारी कर दी गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है इसके बिन प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

मुख्य बिंदू

1. राज्य में COVID Curfew दिनांक 21.09.2021 प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 05.10.2021 प्रातः 06:00 तक प्रभावी रहेगा।

2. इस अवधि में राज्य के ग्रामीण (ग्राम पंचायत) क्षेत्रों में इस आदेश में उल्लिखित दिशा-निर्देशों में शिथिलता देने के संबंध में जिलाधिकारी अपने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के COVID-19 संक्रमण की परिस्थितियों का आंकलन कर आवश्यकतानुसार अपने स्तर से आदेश जारी करेंगे।

3. COVID Curfew के मध्य COVID Vaccination का कार्यक्रम राज्य में जारी रहेगा।

4. COVID-19 के संक्रमण की संख्या में आ रही कमी को देखते हुए COVID Curfew अवधि में विवाह समारोह में विवाह स्थल / वैडिंग प्वाइन्ट की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को कोविड प्रोटोकॉल के साथ सम्मिलित होने की अनुमति जिला प्रशासन द्वारा प्रदान की जायेगी। इन समारोहों में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों, कैटरिंग स्टाफ तथा वैडिंग प्वाइंट प्रबन्धन / स्टाफ के पास यदि कोविड वैक्सीनेशन की दोनो डोज लगाने का प्रमाण पत्र होगा तो उन्हें इस अवधि में RT PCR / TrueNat/ CBNAAT / RAT COVID Negative Test Report दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, परन्तु जिन व्यक्तियों के पास वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र नहीं होगा, उनको RT PCR / TrueNat/ CBNAAT/ RAT COVID Negative Test Report (अधिकतम 72 घंटे पूर्व) दिखाना अनिवार्य होगा।

कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र अथवा COVID Negative Test Report की जांच सम्बन्धित विवाह स्थल / वैडिंग प्वाइन्ट प्रबन्धन द्वारा अनिवार्य रूप से करते हुए जिला प्रशासन को अवगत कराया जायेगा। 5. शवयात्रा में अधिकतम 50 लोग ही सम्मिलित हो सकते हैं।

6. कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाई गई मुहिम के तहत कोविड महामारी की रोकथाम हेतु Health Professionals की Workforce तैयार करने के लिए दिये जाने वाले प्रशिक्षण जैसे कि Emergency Medical Technician Basic, General Duty Assistant (GDA), GDA-Advanced (Critical Care), Home Health Aide, Medical Equipment Technology Assistant and Phlebotomist जो राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के अन्तर्गत सभी जनपदों में अवस्थित प्रशिक्षण संस्थाएं कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए प्रशिक्षण हेतु खुले रहेंगे।

7. विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा जारी मानक प्रचलन विधि (पत्रांक सं० 491 / XXIV-B-5 / 2021-03 (01) / 2021 दिनांक 31.07.2021 एवं 492 / XXIV-B 5 / 2021-03 (01) / 2021 दिनांक 31.07.2021) (कक्षा 06 से 12 तक), मानक प्रचलन विधि पत्रांक सं0 625 / XXIV A-1 / 2021-14 / 2021 दिनांक 18 सितम्बर, 2021 (कक्षा 01 से 05 तक) तथा समय-समय पर जारी विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा दिशानिर्देशों के अनुसार राज्य में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जायेगा एवं सम्बन्धितों द्वारा उक्त मानक प्रचलन विधि का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा

8. राज्य के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पॉलीटेक्निक, महाविद्यालय, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, समस्त विश्वविद्यालय एवं अन्य समस्त शैक्षिक संस्थान को खोलने के लिए सम्बन्धित विभाग द्वारा मानक प्रचलन विधि कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोले जाने हेतु पृथक से जारी की जायेगी एवं उसका सम्बन्धित संस्थानों द्वारा कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।

9. राज्य के समस्त प्रशिक्षण संस्थान (सरकारी एवं गैर सरकारी) को 18 वर्ष से ऊपर के प्रशिक्षुओं को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए प्रशिक्षण प्रदान करने कीअनुमति होगी।

10. राज्य के समस्त कोचिंग संस्थानों जो 18 वर्ष से ऊपर के विद्यार्थियों / अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण एवं कोचिंग प्रदान करते हैं वह कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे एवं ऑनलाइन / डिस्टेंस लर्निंग के प्रावधान जारी रहेंगे। इस व्यवस्था को संबंधित संस्थानों द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।

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