कोसी बैराज का होगा सेफ्टी ऑडिट, 47 साल बाद एक बार भी नहीं हुआ रियलिटी चेक

रामनगर: कोसी बैराज का जिलाधिकारी सविन बंसल ने निरीक्षण किया रामनगर स्थित सिंचाई विभाग के कोसी नदी पर बनाए गए बैराज को सेफ्टी ऑडिट की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस बैराज का निर्माण 1972 में हुआ था। बैराज से पानी के डिस्चार्ज के अलावा हल्द्वानी के लिए हल्के व भारी वाहनों का आवागमन भी होता है। उन्होंने बताया कि 47 साल की अवधि पूर्ण कर चुके कुमाऊं मंडल को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल और बैराज की सुरक्षा और भार सहने की क्षमता का आंकलन करना जरूरी है।

कोसी बैराज और पुल का निरीक्षण

कोसी बैराज और पुल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैराज का तकनीकि संस्थान से सेफ्टी ऑडिट कराया जायेगा, इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधीक्षण अभियंता सिंचाई पतलियाल को निर्देश दिये कि वे शासन स्तर पर इस बैराज के सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करें।

कंट्रोल रूम को लेकर फटकार

उन्होंने पाया कि बैराज के नियंत्रण कक्ष में किसी भी प्रकार का कोई अभिलेख पानी के संग्रहण एवं डिस्चार्ज के सम्बन्ध में नहीं बनाए गए हैं। इसके अलावा बैराज से सम्बन्धित सूचनाओं को डिसप्ले करने के लिए भी किसी भी प्रकार के सूचना पट्ट नहीं हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ओपी उनियाल को सभी सुविधाएं तत्काल करने के निर्देश दिए।

सिल्ट हटाने के आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कोसी नदी के प्रवाह को सही दिशा में बनाए रखने के लिए सिंचाई महकमें को निर्देश दिए कि कोसी में जमा सिल्ट को निकालने काम जल्द शुय किया जाए। साथ कहा कि जमा सिल्ट के चलते भूकटाव हो रहा है, जिससे भूस्खलन की स्थिति बन सकती है। बैराज के सेफ्टी आॅडिट से एक बात तो साफ है कि अगर इसमें कुछ कमी पाई गई, तो इस बैराज पर आवागमन बंद कर दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here