
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप कर हत्या कर दी जाती है। इस कांड को कॉलेज के प्रिंसिपल सुसाइड दिखाने की कोशिश करते हैं हालांकि बाद में वो नाकाम हो जाते हैं। जिसके बाद पूरे देश में जूनियर डॉक्टर को इंसाफ दिलाने की पहल शुरु हो जाती है। वहीं 4 दिन बाद प्रेशर में आकर कॉलेज के प्रिंसिपल अपने पद से इस्तीफा दे देते हैं। ऐसे में आखिर ये प्रिंसिपल कौन है जिनसे सीबीआई लगातार मामले में पूछताछ कर रही है।
एक सर्जन और ऑर्थोपेडिक्स भी हैं संदीप
बता दें कि एक्स प्रिंसिपल संदीप घोष सरकारी आरजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल रहने से पहले कोलकाता मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल रह चुके हैं। इसके साथ ही वो एक सर्जन और ऑर्थोपेडिक्स भी हैं। उन पर हत्या को आत्महत्या में बदलने की कोशिश का आरोप लगा है। इसी के साथ उन्होनें पीड़िता का नाम और पहचान भी उजागर कर दी है। इसके अलावा उनको लेकर चर्चाएं इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि उनके लिंक तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं। इसलिए उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है।
भ्रष्टाचार का आरोप लगा
साल जून 2023 में कोलकाता नेशनल मेडिकल कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल रहते हुए उनपर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगा इसके बाद उनका मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया। लेकिन 48 घंटे के अंदर ही उनहें उनके पिछले पद से बहाल कर दिया गया। इसके बाद सिंतबर 2023 में रैंगिंग से जुड़ी एक घटना के बाद उन्हें प्रिंसिपल के तौर पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर कर दिया गया।
मैं यह अपमान और बर्दाश्त नहीं कर सकता
वही जब संदीप घोष ने इस्तीफा दिया था, तब उन्होनें अपने ऊपर जूनियर डॉक्टरों की ओर से लग रहे आरोपो से इंकार किया था। उन्होनें कहा था कि मैं यह अपमान और बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं मुझे पद से हटाने के लिए छात्रों को भड़काया गया और आंदोलन कराया गया। इन सबके पीछे राजनीतिक साजिश है।