काशी की बेटी ने बढ़ाया देश का मान, मिला वैश्विक सम्मान, 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल

नई दिल्ली : आज महिला अधिकार के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रख्यात संगठन सेंटर फ़ॉर सोशल रिसर्च की निदेशक और काशी की बेटी डॉ. रंजना कुमारी को अपॉलिटिकल की दूसरी वार्षिक सूची में वर्ष 2019 के लिए लैंगिक नीति में 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया गया है. जिससे काशी सहित पूरे प्रदेश का नाम उन्होंने रोशन किया.

आपको बता दें कि विभिन्न देशों की सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और शैक्षणिक समुदायों की ओर से मिले 9000 से अधिक नामांकन के आधार पर इस सूची को तैयार किया गया, जिसमें यूएएन वुमन, वुमन डिलिवर, वुमन इन ग्लोबल हेल्थ, जी-7 जेंडर इक्वलिटी एडवाइजरी काउंसिल, हार्वर्ड और गेट्स फाउंडेशन शामिल थे।

पूरी दुनिया में हजारों लोग लैंगिक समानता के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं- रंजना

इस मौके पर सेंटर फ़ॉर सोशल रिसर्च की निदेशक डॉ. रंजना कुमारी को भी सम्मान मिला उन्होंने कहा कि लैंगिक नीति में 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल होना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मैं सभी विजेताओं और नामित व्यक्तियों को बधाई देती हूँ। अपॉलिटिकल की सूची इस बात का प्रमाण है कि पूरी दुनिया में हजारों लोग लैंगिक समानता के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। पूरी दुनिया में बहुत सारे अच्छे कार्य हो रहे हैं और पूरे विश्व को महिलाओं के लिए न्यायसंगत स्थान बनाने की दिशा में अभी भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। इस दौरान डॉ. रंजना कुमारी ने अपना जीवन दक्षिण एशियाई क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित किया है।

डॉ. रंजना कुमारी की की जीवनी

आपको बता दें कि डॉ. रंजना कुमारी की स्कूली शिक्षा वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुई। उनके दादा एक स्वतंत्रता सेनानी, पंडित विश्वनाथ शर्मा, वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विद्यापीठ के संस्थापक सदस्य थे…जो ब्रिटिश भारत में भारतीयों द्वारा संगठित पहला आधुनिक विश्वविद्यालय था। स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद वह दिल्ली चली गईं औऱ उन्होंने और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए, एम.फिल और पीएच.डी. की उपाधि हासिल की।

जब उनके घर के समीप एक महिला की दहेज के लिए हत्या की गई थी 

आपको बता दें कि डॉ. रंजना शुरु से ही समाज जागरुकता के प्रति सजगर ही है. बात वर्ष 1976 की है. उनके घर के समीप एक महिला की दहेज के लिए हत्या की गई थी और इस घटना के प्रति अत्यधिक चिंता ने ही उन्हें सामाजिक कार्य में पहल के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध प्रकाशन “ब्राइड्स आर नॉट फ़ॉर बर्निंग” के माध्यम से अपनी सक्रियता का प्रदर्शन किया। डॉ. कुमारी ने लैंगिक मुद्दों पर 8 अन्य पुस्तकों की रचना की है, जिन्हें आलोचकों की प्रशंसा मिली है।

डॉ. रंजना कुमारी को प्रतिष्ठित लोटस लीडरशिप अवार्ड से किया गया सम्मानित 

आपको बता दें कि डॉ. कुमारी ने साउथ एशिया नेटवर्क अगेंस्ट ट्रैफिकिंग के समन्वयक के तौर पर कार्य किया है. और साथ ही वह “गर्भाधान-पूर्व एवं प्रसव-पूर्व नैदानिक परीक्षण अधिनियम2001” में केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की सदस्य हैं, साथ ही वह महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी की रोकथाम के लिए केंद्रीय सलाहकार समिति में भी शामिल हैं। साल 2015 में डॉ. कुमारी को एशिया में महिलाओं एवं समाज की भलाई में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित लोटस लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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