उत्तराखंड में इतिहास रचते सीएम त्रिवेंद्र की पीठ थपथपा सकते हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष

 

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत जहां एक ओर अपनी सरकार के जरिए राज्य में जनता के हित के लिए लगातार विकास योजनाएं बना रहें हैं वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स को भी जल्द पूरा करवाने में दिन रात लगे हुए दिख रहें हैं। पीएम नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से खास लगाव रहा है। यही वजह है कि उन्होंने राज्य को तीन बड़ी सौगातें दी हैं। ये ऐसी सौगातें हैं जो पूरे राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को तीन बड़ी योजनाओं की सौगात दी। ये योजनाएं हैं –

चार धाम सड़क परियोजना

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना

केदारनाथ पुर्ननिर्माण योजना


कनेक्टिविटी को लेकर हुआ ऐतिहासिक काम

चार धाम सड़क परियोजना की सौगात उत्तराखंड की किस्मत बदलने वाली साबित हो सकती है। राज्य में बेहतर सड़कों की कमी को भांपते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल में बतौर प्रधानमंत्री इस योजना की शुरुआत उत्तराखंड में की थी। उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार बनने के बाद इस योजना पर बेहद तेजी से काम शुरु हुआ। राज्य के चारों धामों, गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ने वाली सड़कों को पहले से अधिक चौड़ा किया जा रहा है। लैंड स्लाइड जोन्स को बाइपास करने के लिए विश्वस्तरीय तकनीक से कई बड़े पुल और सुरंगे बनाई जा रहीं हैं। इस योजना के पूरा हो जाने के बाद राज्य में साल भर किसी भी मौसम में रोड कनेक्टिविटी की समस्या नहीं होगी। उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। खुद मुख्यमंत्री इस योजना पर नजर बनाए हुए हैं।


पहाड़ में पहुंचा दी रेल

वहीं राज्य में कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना। यूं तो ये योजना कई दशकों पुरानी है लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते ये योजना न परवान चढ़ी न राज्य के लोगों को इसका फायदा मिल पाया। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने और राज्य में त्रिवेंद्र सिंह रावत के सत्ता संभालने के बाद दशकों पुरानी इस योजना को शुरु किया गया। न सिर्फ ये योजना शुरु हुई बल्कि बेहद तेज गति से चल भी रही है। डबल इंजन सरकार के फाएदे क्या होते हैं ये इस योजना की प्रगति देखकर पता चल जाता है। जहां पहले पहाड़ों में रेल का सपना सिर्फ सपना भर रह गया था वहीं मौजूदा वक्त में ये सपना जल्द साकार होता दिख रहा है। ऋषिकेश में नया रेलवे स्टेशन बन चुका है। नई रेल लाइने भी बिछाईं जा चुकी हैं वहीं ऋषिकेश से ऊपर श्रीनगर तक रेल लाइन का काम तेजी से जारी है। नए स्टेशन बनाए जा रहें हैं। जल्द ही पहाड़ के लोगों को रेल के इंजन की आवाज सुनाई देगी।


केदारधाम को दिया भव्य रूप

पीएम नरेंद्र मोदी की केदारनाथ जी में अगाध आस्था है। यही वजह है कि केदारनाथ आपदा के बाद सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाने वालों में से नरेंद्र मोदी ही थे। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। 2014 में पीएम बनने के नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम के पुर्ननिर्माण की कमान अपने हाथों में ले ली। इसका नतीजा भी दिखा। 2014 में केंद्र में नरेंद्र और 2017 में उत्तराखंड में त्रिवेंद्र के सत्ता संभालने के बाद शुरु हुई जुगलबंदी ने केदारनाथ की तस्वीर को बदल कर रख दिया। केदारनाथ धाम अब भव्य और अलौकिक नजर आता है। सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ ही सनातन धर्मियों को बाबा केदारनाथ के लिए उसी प्राचीन स्वरूप में दर्शन होते हैं जो अनादिकाल से स्थापित है। केदारनाथ धाम में हो रहे निर्माण कार्यों को खुद पीएम मॉनिटर करते हैं। वहीं निर्माण कार्यों पर सीएम त्रिवेंद्र की पैनी नजर होती है।

त्रिवेंद्र की थपथपाएंगे पीठ

माना जा रहा है कि उत्तराखंड में पीएम के इन ड्रीम प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा रिपोर्ट ले सकते हैं। और अगर ऐसा होता है तो ये मानिए की त्रिवेंद्र सरकार की पीठ थपथपाया जाना तय है क्योंकि इन तीनों ही प्रोजेक्ट्स पर बेहद तेजी से काम जारी है। उत्तराखंड सरकार की कोशिशों की बदौलत और खासतौर पर सीएम त्रिवेंद्र के प्रयासों से ये प्रोजेक्ट जल्द पूरे हो सकते हैं। ऐसे में अगर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा त्रिवेंद्र सिंह रावत की पीठ थपथपाते हैं तो सरकार का मनोबल तो बढ़ेगा ही वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं को आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए नई संजीवनी मिलेगी।

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