“जो बोले सोनिहाल, सत श्री अकाल”…खुल गए हेमकुंड साहिब के कपाट, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चमोली: सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुल गए हैं। पहले जत्थे ने गोविंदघाट गुरुद्वारा में अखंड पाठ किया और वहां से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गया था। आज सुबह नौ बजे विधि-विधान से हेमकुंड साहिब के कपाट खोल दिए गए।गोविंदघाट से 21 किलोमीटर दूर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर है। पहले जत्थे में हजारों यात्री पंच प्यारों की अगुवाई में हेमकुंढ साहिब पहुंचे।

विश्वप्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के बाद फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाए हैं। सुबह नौ बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। गोविंदघाट से पंज प्यारों की अगुवाई में रवाना हुआ तीर्थयात्रियों का जत्था देर शाम घांघरिया पहुंचा। आज सुबह पवित्र हेमकुंड साहिब में पहुंचा। पहले जत्थे में करीब आठ हजार तीर्थयात्री शामिल हैं.

गुरुग्रंथ साहिब को पंच प्यारों की अगुवाई में सच्च खंड से दरवार हॉल में लाया गया, जहां पहली अरदास के साथ सुखमनी साहिब के पाठ और शब्द कीर्तन किया गया। उसके बाद दोपहर में दूसरी अरदास के साथ हुकम नामा लिया जाएगा और श्री हेमकुंड साहिब का इतिहास भक्तों को बताया जाएगा।

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